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फरार बताए जा रहे आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय! पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 5 दिसम्बर 2025,  11:32 AM IST
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फरार बताए जा रहे आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय! पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज़  

दुर्ग। कलेक्टर गाइडलाइन के खिलाफ हुए हंगामे और चक्काजाम मामले में जहाँ एक ओर पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, वहीं शेष आरोपियों को फरार बताए जाने पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।

ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज़ को मिले इनपुट के अनुसार जिन आरोपियों को पुलिस फरार बता रही है, उनमें से कई लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव नजर आ रहे हैं। कुछ आरोपी अपने मोबाइल फोन से लगातार व्हाट्सएप पर पोस्ट कर रहे हैं, जिससे पुलिस के “फरार” कहना पर संदेह गहरा रहा है।Image after paragraph

स्थानीय स्रोतों के अनुसार, जो लोग फरार बताए जा रहे हैं, वे न सिर्फ सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं । इसके बावजूद पुलिस का यह दावा कि आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे, कई सवाल खड़े करता है।

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क्या है मामला?

 कलेक्टर गाइडलाइन के विरोध में पटेल चौक, बीएसएनएल ऑफिस के सामने बिना अनुमति के चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान पुलिस के साथ झूमाझटकी होने पर पुलिस के द्वारा हल्का बेत प्रयोग किया गया था और कुछ पुलिसकर्मियों को चोट लगने के बाद थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 609/2025 दर्ज किया गया।

गिरफ्तारी के बाद पाँच लोगों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया, जिनके नाम हैं

अनिल वासनिक, विक्की चंद्राकर,दिनेश पांडेय, राकेश यादव,जितेन्द्र बत्रा मामले में पुलिस ने धारा 221, 126(2), 191(2) बीएनएस के साथ अतिरिक्त धाराएँ 121(1), 132, 61(2), 125(क) जोड़ी हैं।

फरार या पुलिस की लापरवाही...?

पुलिस अभी भी 5 से अधिक आरोपियों को “फरार” बता रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी ने पुलिस की कार्यवाही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—

क्या पुलिस आरोपियों को तलाशने में गंभीर नहीं है..?

या सोशल मीडिया की गतिविधियों को देखकर भी कार्रवाई न करना किसी दबाव या रणनीति का हिस्सा है..?

जब आरोपी खुलेआम पोस्ट कर रहे हैं, तब उन्हें पकड़ना मुश्किल क्यों हो रहा है..?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पहचान जारी है, लेकिन आरोपी ऑनलाइन सक्रिय रहकर पुलिस की जानकारी को चुनौती दे रहे हैं।

ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज़ का सवाल—

जब आरोपी सार्वजनिक रूप से सक्रिय हैं, तो आखिर पुलिस उन्हें फरार कैसे बता रही है...?

यह मामला अब प्रशासनिक पारदर्शिता और पुलिस की मंशा पर भी सवाल उठाता है।

 

ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज़ इस मुद्दे की प्रत्येक अपडेट आपको सबसे पहले उपलब्ध कराता रहेगा।

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