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अपराध और भी
केरल 2017 यौन उत्पीड़न केस: पल्सर सुनी सहित छह दोषियों को 20 साल कठोर कारावास, अभिनेता दिलीप बरी
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 12 दिसम्बर 2025,  06:38 PM IST
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2017 में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की एक अभिनेत्री के साथ चलती गाड़ी में यौन उत्पीड़न किया गया था। अभिनेता दिलीप को इस मामले में साजिश रचने का आरोपी बनाया गया था। हालांकि, 8 दिसंबर को अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।

समाचार: ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज 
केरल की एक अदालत ने 2017 में मलयालम फिल्म अभिनेत्री के साथ हुए हाई-प्रोफ़ाइल यौन उत्पीड़न मामले में शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। एर्नाकुलम जिला एवं सत्र न्यायालय की जज हनी एम. वर्गीस ने मुख्य आरोपी पल्सर सुनी सहित छह आरोपियों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने यह निर्णय 8 दिसंबर को दोष सिद्ध होने के बाद दिया। वहीं, इस मामले में आरोपित मलयालम अभिनेता दिलीप को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।

कौन-कौन हुए दोषी?
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, जिन छह आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, उनमें शामिल हैं—

  • सुनील एनएस उर्फ पल्सर सुनी

  • मार्टिन एंटनी

  • मणिकंदन बी

  • विजयेश वीपी

  • सलीम एच उर्फ वदिवल सलीम

  • प्रदीप

अदालत ने यौन उत्पीड़न के अपराध में सभी छह को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

क्या था पूरा मामला?
फरवरी 2017 में अभिनेत्री एक फिल्म की शूटिंग के लिए जा रही थीं, तभी कुछ लोगों ने चलती कार में उनका अपहरण कर उन्हें यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया। आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया था। घटना के अगले दिन चालक मार्टिन एंटनी गिरफ्तार हुआ, और एक सप्ताह के भीतर हिस्ट्रीशीटर पल्सर सुनी को भी पुलिस ने पकड़ लिया। बाद में चार अन्य लोग भी गिरफ्तार कर आरोपी बनाए गए।

अभिनेता दिलीप बरी
जुलाई 2017 में अभिनेता दिलीप पर साजिश रचने का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि पीड़िता ने उनकी पत्नी को उनके विवाहेतर संबंधों की जानकारी दी थी, जिसके चलते उन्होंने घटना की साजिश रची। हालांकि, 8 दिसंबर को अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।

किन धाराओं में दोषी पाए गए?
दोषियों को भारतीय दंड संहिता की इन धाराओं में दोषी ठहराया गया—

  • 120B (आपराधिक षड्यंत्र)

  • 342 (गलत तरीके से कैद)

  • 354, 354B (महिला की गरिमा भंग करना/निर्वस्त्र करने का प्रयास)

  • 366 (अपहरण)

  • 357 (गलत कैद हेतु आपराधिक बल)

  • 376D (सामूहिक यौन उत्पीड़न)

इसके साथ ही सभी को आईटी एक्ट की धारा 66E और 67A में वीडियो रिकॉर्डिंग की साजिश का भी दोषी पाया गया। इनमें से पल्सर सुनी को ही इन धाराओं में प्रत्यक्ष रूप से दोषी माना गया।

दोषियों ने मांगी नरमी
सजा पर सुनवाई के दौरान आरोपियों ने अदालत से नरमी की अपील की।

  • पल्सर सुनी ने कहा कि वह अपनी बुजुर्ग मां का अकेला सहारा है।

  • मार्टिन एंटनी ने बताया कि वह पहले ही वर्षों जेल में रह चुका है।

  • मणिकंदन ने कहा कि उसके परिवार का भरण-पोषण उसी पर निर्भर है।

  • विजीश ने सजा में नरमी और अपने गृहनगर के पास की जेल में भेजे जाने की मांग की।

  • वदिवल सलीम और प्रदीप ने स्वयं को निर्दोष बताया।

अदालत ने सभी दलीलें सुनने के बाद कठोर कारावास की सजा को बरकरार रखा।

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