• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
रायपुर और भी
समर्थन मूल्य से आत्मनिर्भरता तक: किसान हंसराज साहू की मेहनत ने बदली रफ्तार
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 15 दिसम्बर 2025,  11:06 AM IST
  • 246
समर्थन मूल्य से आत्मनिर्भरता तक: किसान हंसराज साहू की मेहनत ने बदली रफ्तार

*ई-स्कूटी बनी समृद्धि की पहचान*

रायपुर/छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियाँ आज गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी धमतरी जिले के ग्राम बोड़रा के किसान श्री हंसराज साहू की है। जिन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आधुनिक सुविधाओं को भी अपनाया।

श्री हंसराज साहू बताते हैं कि उन्होंने पिछले खरीफ सत्र में संबलपुर सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया। धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने एक ई-स्कूटी खरीदी, जो आज उनके लिए सुविधा, समय की बचत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। साँय-साँय दौड़ती ई-स्कूटी से अब उन्हें धमतरी शहर, खेतों, रिश्तेदारों के घर और दैनिक कार्यों के लिए सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। इससे न केवल ईंधन खर्च में कमी आई है, बल्कि समय की भी उल्लेखनीय बचत हो रही है।

श्री साहू के पास कुल 2 एकड़ 25 डिस्मिल कृषि भूमि है, जिसमें वे पारंपरिक अनुभव और आधुनिक कृषि समझ के साथ धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उन्होंने समर्थन मूल्य पर कुल 46 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का विक्रय किया है। समय पर भुगतान और स्पष्ट प्रक्रिया से वे बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने पुत्र के विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्य में करेंगे, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।

श्री हंसराज साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “तुहर टोकन” मोबाइल ऐप ने धान बेचने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी और किसान-अनुकूल बना दिया है। पंजीयन से लेकर विक्रय तक अब किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होती।

किसान हंसराज साहू की यह सफलता कथा इस बात का सशक्त प्रमाण है कि सरकार की दूरदर्शी नीतियाँ और डिजिटल नवाचार जब जमीन पर प्रभावी रूप से लागू होते हैं, तो किसान सशक्त बनते हैं और उनका जीवन स्तर निरंतर ऊँचाइयों की ओर बढ़ता है। यह कहानी प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा है कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर समृद्धि की राह पर आगे बढ़ें।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter