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मुस्कुराना स्ट्रेस की सबसे बड़ी एंटीडोज़” — ‘वाह जिंदगी वाह’ शिविर का शुभारंभ
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 21 दिसम्बर 2025,  09:19 PM IST
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मुस्कुराना स्ट्रेस की सबसे बड़ी एंटीडोज़” — ‘वाह जिंदगी वाह’ शिविर का शुभारंभ

ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज | दुर्ग

दुर्ग प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के आनंद सरोवर, बघेरा स्थित कमला दीदी सभागार में आज “वाह जिंदगी वाह” पाँच दिवसीय शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता प्रोफेसर ब्रह्माकुमार ई.वी. गिरीश ने कहा कि “तनाव को कम करने की सबसे बड़ी रामबाण दवा मुस्कुराना है। यह स्ट्रेस की सबसे बड़ी एंटीडोज़ है।”

उन्होंने कहा कि ईश्वर ने मुस्कुराने की कला केवल मनुष्य को दी है। मनुष्य मुस्कुराकर न केवल स्वयं खुश रह सकता है बल्कि दूसरों को भी खुशी दे सकता है। उन्होंने वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि एक साल का बच्चा 24 घंटे में लगभग 300 बार मुस्कुराता है, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, मुस्कुराहट कम होती जाती है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से प्रश्न किया कि दिनभर में वे कितनी बार मुस्कुराते हैं, जिस पर जवाब 5 से 10 बार ही आया। उन्होंने आत्ममंथन का संदेश देते हुए कहा कि हमें सोचना चाहिए कि मुस्कुराने के मामले में हमारा जीवन बेहतर हुआ है या बदतर।

प्रो. गिरीश ने तनाव के कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तनाव मानसिक, शारीरिक, व्यवहारिक और पारिवारिक समस्याओं को जन्म देता है। विश्वभर के वैज्ञानिकों ने तनाव के आठ प्रमुख कारणों को चिन्हित किया है, जिनमें सबसे पहला कारण वित्तीय चिंता है। उन्होंने कहा कि आज हम हर काम जल्दी चाहते हैं, जल्दी धनवान बनना चाहते हैं, इसी कारण हमारे भीतर का सब्र और पैशन खत्म होता जा रहा है।

उन्होंने संबंधों में बढ़ती अपेक्षाओं को भी तनाव का बड़ा कारण बताया और कहा—

“जितनी कम दूसरों से अपेक्षाएं होंगी, उतना ही जीवन तनाव रहित होगा।”

परिवार में बिना शर्त प्रेम, अपनापन और क्षमा का भाव रखने से जीवन सहज और आनंदमय बन सकता है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति—चाहे वह डॉक्टर हो, इंजीनियर हो, वकील हो या प्रशासनिक अधिकारी—अपने कार्यक्षेत्र में विभिन्न प्रकार के तनाव और चुनौतियों का सामना करता है। पारिवारिक परिस्थितियाँ, कार्यभार और नैतिक दुविधाएँ भी तनाव बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि हम अक्सर छोटे-छोटे आनंद के पलों के लिए समय नहीं निकाल पाते और बाद में महसूस होता है कि हमने स्वास्थ्य और खुशी से समझौता कर लिया।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि यह शिविर लोगों के जीवन से तनाव दूर करने और मूल्यों के प्रति प्रेरित करने में कारगर सिद्ध होगा तथा इसके लिए उन्होंने ब्रह्माकुमारीज को साधुवाद और शुभकामनाएँ दीं।

ब्रह्माकुमारीज दुर्ग की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी रीटा बहन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए शिविर के उद्देश्य और पाँच दिवसीय कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि

पहला दिन: तनाव मुक्त जीवन

दूसरा दिन: स्वास्थ्य आपकी मुट्ठी में

तीसरा दिन: संबंधों में मधुरता

चौथा दिन: परम सत्ता का ज्ञान

पाँचवां दिन: राजयोग मेडिटेशन

इन विषयों पर प्रोफेसर ई.वी. गिरीश द्वारा व्याख्यान दिए जाएंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. ब्रह्माकुमार ई.वी. गिरीश, कलेक्टर अभिजीत सिंह, प्रसिद्ध व्यवसायी अशोक राठी, ब्रह्माकुमारी रीटा बहन, रुंगटा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन संतोष रुंगटा सहित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। कुमारी धारणी, वेणुलता, गुनगुन एवं कुमारी जागृति द्वारा मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रूपाली बहन ने किया।

इस अवसर पर एसडीआरएफ दुर्ग के सैकड़ों जवानों सहित दुर्ग शहर के अनेक गणमान्य नागरिक और हजारों की संख्या में शिविरार्थी उपस्थित रहे।

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