• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
छत्तीसगढ़ में SIR का काम पूरा
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 22 दिसम्बर 2025,  07:36 PM IST
  • 310
वोटर्स 23 दिसंबर से वेबसाइट पर देख सकेंगे अपना नाम, राजनीतिक दलों को दी जाएगी सूची

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण में गणना का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाताओं की सूची भी तैयार की गई है, जो गैरमौजूद पाए गए, जिनका स्थानांतरण हो चुका है या जिनकी मृत्यु हो गई है। यह सूची सर्चेबल मोड में अपलोड की जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति अपना या किसी अन्य मतदाता का नाम खोज सके।

1 जनवरी 2026 के आधार पर SIR सूची

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर मतदाता सूची का यह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)  किया जा रहा है। जिन निर्वाचकों से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके, उसके पीछे कई कारण सामने आए हैं। इनमें मतदाता का किसी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में पंजीकृत होना, मतदाता का अस्तित्व में न होना, 18 दिसंबर 2025 तक फॉर्म जमा न करना, या फिर मतदाता के रूप में पंजीकरण में रुचि न होना शामिल है।

इस वेबसाइट पर देखें अपना नाम 

निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगी। यहां मतदाता अपने नाम की जांच कर सकेंगे और आवश्यक सुधार के लिए आवेदन कर पाएंगे।

राजनीतिक दलों को दी जाएगी अलग सूची

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) ने जानकारी दी कि सभी जिलों द्वारा तैयार प्रारूप मतदाता सूची की दो प्रतियां (एक फोटो सहित मुद्रित हार्ड कॉपी और एक फोटो रहित सॉफ्ट कॉपी) मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके साथ ही, जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके हैं, उनकी अलग सूची भी राजनीतिक दलों को दी जाएगी, ताकि वे अपने स्तर पर सत्यापन कर सकें।

राजनीतिक दलों से CEO की अपील

राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे इन सूचियों का सूक्ष्मता से अवलोकन करें और 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्ति दर्ज कराने में मतदाताओं को सहयोग करें।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter