• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
व्यपार और भी
दिल्ली–टोक्यो उड़ानों को लेकर डीजीसीए ने एयर इंडिया के पायलटों को कारण बताओ नोटिस जारी किया
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 1 जनवरी 2026,  09:00 PM IST
  • 121
सुरक्षा मानकों में खामी के बावजूद उड़ान संचालन का आरोप, दो हफ्ते में जवाब तलब

नई दिल्ली। भारत के विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सुरक्षा और नियमों से जुड़ी गंभीर खामियों के बावजूद दिल्ली और टोक्यो के बीच कई उड़ानों का संचालन करने के मामले में एयर इंडिया के कॉकपिट क्रू (पायलटों) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीजीसीए ने पायलटों से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

यह नोटिस दिल्ली से टोक्यो जाने वाली फ्लाइट एआई-357 और टोक्यो से दिल्ली आने वाली फ्लाइट एआई-358 के संचालन से संबंधित है। डीजीसीए के अनुसार, इन उड़ानों में इस्तेमाल किए गए विमान के लिए लागू मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट (एमईएल) सही नहीं पाई गई, यानी जरूरी तकनीकी और सुरक्षा मानकों में कमी थी।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी खामियां

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह कोई एकल घटना नहीं है। इससे पहले भी एयर इंडिया की अन्य उड़ानों में इसी तरह की तकनीकी और नियामकीय खामियां सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद विमान का संचालन किया गया, जो गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।

नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न हो?

डीजीसीए ने पायलटों से यह भी पूछा है कि उनके खिलाफ एयरक्राफ्ट नियमों और नागरिक विमानन आवश्यकताओं (सीएआर) के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। नियामक का कहना है कि सुरक्षा से जुड़ी जानकारी होने के बावजूद उड़ान संचालन यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

बोइंग 787-8 के संचालन पर सवाल

डीजीसीए ने यह नोटिस इसलिए भी जारी किया है क्योंकि एयर इंडिया ने बार-बार तकनीकी खराबियों के बावजूद बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान का संचालन किया। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने दिल्ली से मुंबई जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान में टेकऑफ के बाद इंजन बंद होने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद डीजीसीए ने जांच की बात कही थी।

एयर इंडिया की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल एयर इंडिया की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। डीजीसीए ने संकेत दिए हैं कि जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर आगे सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

RO. NO 13404/ 40
RO. NO 13404/ 40
RO. NO 13404/ 40
RO. NO 13404/ 40
RO. NO 13404/ 40
RO. NO 13404/ 40
RO. NO 13404/ 40
RO. NO 13404/ 40
RO. NO 13404/ 40

RO. NO 13404/ 40

Add Comment


Add Comment

629151020250338041002855468.jpg
RO. NO 13404/ 40
74809102025230106banner_1.jpg
RO. NO 13404/ 40
98404082025022451whatsappimage2025-08-04at07.53.55_42b36cfa.jpg
RO. NO 13404/ 40
74809102025230106banner_1.jpg
RO. NO 13404/ 40
98404082025022451whatsappimage2025-08-04at07.53.55_42b36cfa.jpg





ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter