• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
रायपुर और भी
छत्तीसगढ़ अपार आईडी निर्माण में अग्रणी: बड़े राज्यों में सर्वाधिक प्रतिशत उपलब्धि दर्ज
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 8 जनवरी 2026,  06:38 PM IST
  • 376
छत्तीसगढ़ अपार आईडी निर्माण में अग्रणी: बड़े राज्यों में सर्वाधिक प्रतिशत उपलब्धि दर्ज

रायपुर /राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार द्वारा लागू की गई APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) व्यवस्था में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए देश के बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। विद्यार्थियों को स्थायी और सुरक्षित डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्रदान करने की दिशा में राज्य ने तेज़ और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दिनांक 7 जनवरी 2026 तक राज्य के 57,045 विद्यालयों में अध्ययनरत कुल 57,10,207 विद्यार्थियों में से 50,60,941 विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट की जा चुकी है। यह कुल का 88.63 प्रतिशत है, जो बड़े राज्यों में प्रतिशत के आधार पर सर्वाधिक है। यह उपलब्धि राज्य की डिजिटल शैक्षणिक संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

जिला स्तर पर प्रदर्शन की बात करें तो छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में 96.40 प्रतिशत तथा राजनांदगांव जिले में 96.38 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार-आईडी तैयार की जा चुकी है, जो राज्य में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग एवं बलौदाबाजार जैसे जिलों में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर तथा दंतेवाड़ा जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक तैयार की जा चुकी है।

सभी जिलों में शेष विद्यार्थियों की अपार-आईडी निर्माण की प्रक्रिया निरंतर प्रगति पर है। राज्य शासन के निर्देशानुसार शिक्षकगण एवं संबंधित अधिकारी इस कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि कोई भी विद्यार्थी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल से वंचित न रह जाए।

भारत सरकार द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 31 जनवरी 2026 तक सभी विद्यार्थियों की अपार-आईडी तैयार की जाए। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समयबद्ध एवं समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।

उल्लेखनीय है कि अपार-आईडी प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्राप्त होगी, जिसमें उनकी शैक्षणिक उपलब्धियाँ, प्रमाण-पत्र एवं क्रेडिट्स सुरक्षित डिजिटल रूप में संग्रहीत रहेंगे। यह व्यवस्था विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता, पारदर्शिता तथा राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक मोबिलिटी को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter