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छत्तीसगढ और भी
धान बेच कर बनाया मकान
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 9 जनवरी 2026,  07:51 PM IST
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 दुर्ग/ ग्राम अछोटी निवासी किसान श्री नुलम साहू ने इस वर्ष अपने 2 एकड़ 30 डिसमिल खेत में धान की फसल लगाया था। धान कटाई के बाद अब वे रबी फसल की तैयारी में जुट गए हैं। धान उपार्जन के तहत 40 क्विंटल धान का विक्रय किया है।

किसान नुलम साहू अपनी पत्नी के साथ धान उपार्जन केंद्र कुथरेल पहुंचे। उपार्जन केंद्र में उनकी पत्नी शेड के नीचे बैठकर धान के कट्टों को निहारती नजर आईं। केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं को देखकर किसान और उनकी पत्नी प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यहां किसानों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। शेड, पीने के पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। इसके साथ ही केन्द्र में धान का उठाव भी किया जा रहा है। उपार्जन केंद्र पहुंचते ही धान की गुणवत्ता परीक्षण के बाद तौलाई की जा रही है। समिति के मजदूरों द्वारा प्राप्त बोरियों में धान भरकर उनकी सिलाई एवं तौलाई की सुविधा उपलब्ध है। तौलाई के पश्चात किसानों को तुरंत रसीद प्रदान की जा रही है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी हुई है।

किसान नुलम साहू ने धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था के लिए विष्णुदेव सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने बताया कि खेती में धान की उपज अपेक्षाकृत कम हुई है, फिर भी शासन की उपार्जन व्यवस्था से उन्हें राहत मिली है। किसान नुलम साहू ने कहा कि धान बिक्री की पूरी प्रक्रिया सरल और सुव्यवस्थित है। किसान नुलम साहू ने यह भी बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि से वे अपने घर की मरम्मत कराएंगे, जिससे परिवार को बेहतर रहने की सुविधा मिल सकेगी। खरीदी गई धान का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है। साथ ही धान खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी के लिए अधिकारी तैनात हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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