भिलाई।
छत्तीसगढ़ का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), अब तकनीक और आध्यात्मिकता के संगम का केंद्र बनने जा रहा है। विश्वविद्यालय से संबद्ध राज्य के सभी 42 इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एक सेमेस्टर के लिए ‘भगवद् गीता’ विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह पाठ्यक्रम केवल सैद्धांतिक अध्ययन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, मानसिक संतुलन और जीवन मूल्यों को मजबूत करने पर भी केंद्रित होगा। इस पहल के जरिए छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जीवन प्रबंधन और तनाव मुक्ति पर होगा जोर
इस्कॉन रायपुर से जुड़े रामरधुनाथ दास ने बताया कि इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भगवद् गीता के श्लोकों के माध्यम से जीवन प्रबंधन, तनाव से मुक्ति और कर्तव्यबोध की भावना सिखाना है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में गीता के उपदेश उन्हें संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की दिशा दिखाएंगे।
तकनीकी शिक्षा को मिलेगा मानवीय दृष्टिकोण
CSVTU प्रशासन का मानना है कि इस कदम से तकनीकी शिक्षा में मानवीय मूल्यों का समावेश होगा। छात्रों को न केवल अच्छे इंजीनियर और तकनीशियन बनाने पर ध्यान रहेगा, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी तैयार किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में पहली बार तकनीकी विश्वविद्यालय स्तर पर इस तरह का पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। शिक्षा जगत में इस फैसले को तकनीक और संस्कृति के संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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