• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
मध्य प्रदेश और भी
CM मोहन यादव ने यूनियन कार्बाइड का किया निरीक्षण,बोले- कांग्रेस शासन के कलंक को हमने मिटाया
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 18 जनवरी 2026,  02:06 PM IST
  • 311
CM मोहन यादव ने यूनियन कार्बाइड का किया निरीक्षण,बोले- कांग्रेस शासन के कलंक को हमने मिटाया

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 1984 की गैस त्रासदी को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी हुई, जिसका दाग आज भी देश पर लगा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक के बाद एक पाप किए और जहरीला कचरा वर्षों तक यहीं पड़ा रहने दिया।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि 25 साल तक यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा परिसर में पड़ा रहा, लेकिन कांग्रेस सरकारों ने इसे हटाने की कोई ठोस पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कोर्ट के मार्गदर्शन में इस जहरीले कचरे का निष्पादन कराया और दुनिया को यह संदेश दिया कि ऐसे जहर से भी वैज्ञानिक तरीके से निपटा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस शासन के कलंक को मिटाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने त्रासदी के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को देश से भगाने का काम किया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। सीएम ने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल की गलतियों और भोपाल गैस त्रासदी जैसे कलंक को स्वीकार करना चाहिए।

डॉ. मोहन यादव ने यह भी कहा कि भविष्य में यूनियन कार्बाइड परिसर में मेमोरियल या अन्य विकास कार्यों पर विचार किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस त्रासदी से सबक मिल सके। उन्होंने दावा किया कि यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने इस परिसर का दौरा किया है।

वहीं, कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया के बयान को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बरैया ने समाज में सामाजिक विद्वेष फैलाने वाला बयान दिया है। सीएम ने राहुल गांधी से मांग की कि वे ऐसे विधायक को पार्टी से सस्पेंड करें या बाहर का रास्ता दिखाएं, ताकि यह साबित हो सके कि कांग्रेस सभी वर्गों के प्रति सम्मान रखती है। मुख्यमंत्री ने बरैया के बयान की कड़ी निंदा की।


Add Comment


Add Comment






Get Newspresso, our morning newsletter