रायपुर जिला शिक्षा कार्यालय में लगी आग के मामले को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर के जिला शिक्षा कार्यालय में लगी आग की घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। मामले की सच्चाई सामने लाने और आग लगने के कारणों की विस्तृत पड़ताल के लिए एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।
जारी के आदेश के अनुसार, संभागीय संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव को जांच समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं बजरंग प्रजापति, सहायक संचालक, और सतीश नायर, सहायक संचालक (लोक शिक्षण संचालनालय) को समिति का सदस्य बनाया गया है। जांच की रिपोर्ट आने के पश्चात आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कई फाइलें जलकर खाक
जहां आग लगी, वह रिकार्ड रूम बताया जा रहा है। रिकार्ड रूम में स्कूलों की मान्यता से लेकर मध्यान्ह भोजन, अनुकंपा नियुक्ति, शिकायत संबंधित कागज और शिक्षकों के सर्विस रिकार्ड रखे हुए थे। आग इतनी भयानक थी कि घंटेभर में अधिकांश दस्तावेज जलकर खाक हो गए, वहीं सर्विस रिकार्ड के दस्तावेज सुरक्षित बच जाने की बात कही जा रही है। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। जांच के बाद स्पष्ट हो सकता है कि, आग लगी है या लगाई गई है। दफ्तर के पास सड़क पर लोगों की आवाजाही रहती है। लोगों ने आग लगी देखी तो शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों को जानकारी दी। आनन-फानन में पुलिस तथा फायर ब्रिगेड टीम पहुंची।
आग लगने से छज्जा भरभराकर गिरा
पुरानी बिल्डिंग का छज्जा बांस-बल्लियों के सहारे टिका हुआ था। बिल्डिंग में जैसे ही आग भड़की, रिकार्ड रूम में लगा टीन का छज्जा भरभराकर गिर गया। छज्जे में बड़ी-बड़ी कीलें लगी हुई थीं। इस वजह से फायर ब्रिगेड की टीम को अंदर जाने में परेशानी हो रही थी। अंदर घुप्प अंधेरा होने की वजह से फायर ब्रिगेड की टीम को राहत तथा बचाव कार्य करने में काफी दिक्कत हुई।
आग इतनी भयंकर कि, नई बिल्डिंग की दीवार तोड़नी पड़ी
रिकार्ड रूम में कागज के दस्तावेज होने की वजह से आग तेजी से फैल गई और पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को आग बुझाने नई बिल्डिंग के पास जाना पड़ा। नई बिल्डिंग की बाउंड्री तोड़कर फायर ब्रिगेड की टीम ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर अफसर भी पहुंचे, लेकिन वे आंखों के सामने दस्तावेजों को जलते देखते रहे। आग इतनी तेज थी कि कोई कुछ नहीं कर सका।
10 हजार से अधिक शिक्षकों की सेवा पुस्तिका जलकर खाक
शुक्रवार देर रात जिला शिक्षा कार्यालय में लगी आग में जिले के दस हजार से अधिक सेवारत तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा पुस्तिका भी जलकर खाक हो गई।जल चुके दस्तावेजों में इन्हें सबसे अहम माना जा रहा है। इन सेवा पुस्तिकाओं के आधार पर ही शिक्षकों के पेंशन, पदोन्नति, मासिक वेतन सहित नौकरी संबंधित समस्त कार्यों का निर्धारण होता है। इन्हें फिर से तैयार करने में एक साल से अधिक का समय लग सकता है। सेवा पुस्तिका जलने के कारण पेंशन, वेतन सहित अन्य वित्तीय कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दावा है कि सेवा पुस्तिका से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित हैं। इसके अलावा जिले के सभी निजी स्कूलों के मान्यता संबंधित कागजात भी आग के हवाले हो गए हैं।
प्रदेश में 952 निजी स्कूल हैं। इन स्कूलों द्वारा प्रत्येक वर्ष मान्यता नवीनीकरण के लिए आवश्यक कागजात जमा किए जाते हैं। इनमें भवन सहित अध्ययनरत छात्रों की संख्या अन्य जानकारी भी शामिल होती है। निजी विद्यालयों द्वारा इनकी मूलप्रति अपने पास सुरक्षित रखी जाती है, इसलिए अधिक कठिनाई का सामना इसमें नहीं करना पड़ेगा, लेकिन जिला शिक्षा कार्यालय को रिकॉर्ड पूर्व की तरह तैयार करने अतिरिक्त कार्यबल की आवश्यकता होगी। इधर, आग की सूचना मिलते ही सालेम स्कूल में चल रही राष्ट्रीय स्पर्धा में शामिल डीईओ सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर रात तक वे यहां डटे रहे।
छात्रों के भोजन,आत्मानंद नियुक्ति के दस्तवेजा भी जले
जिला शिक्षा कार्यालय के जिस हिस्से में आगजनी हुई है, उसमें भंडार कक्ष भी शामिल है। लगभग समस्त दस्तावेज यहां रखे जाते हैं। मध्यान्ह भोजन संबंधित दस्तावेज भी जल गए हैं। इनमें स्कूलों को मिड डे मील के अंतर्गत वितरित की गई राशि, बकाया राशि, योजना से लाभान्वित छात्रों की संख्या सहित अन्य जानकारियां थीं। स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में संविदा नियुक्तियां की गई हैं। इन नियुक्तियों सहित संविदा नियुक्ति के दस्तावेज भी जल गए हैं। प्रतिवर्ष मिलने वाले बजट का लेखा-जोखा, भवन निर्माण सहित कागज भी आग के हवाले हो गए हैं।
कच्ची थी छत
जिला शिक्षा कार्यालय के कुछ हिस्से 50 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं। इसके कुछ हिस्सों का पुननिर्माण कोरोना के पूर्व किया गया था। कुछ हिस्से ऐसे भी हैं, जिनकी छत अब भी कच्ची ही थी। इस कारण भी आग तेजी से फैली। जिला शिक्षा कार्यालय के पिछले हिस्से में जहां छत खपरैल की थी, वह आग लगते ही गिर गई। इस कारण भी अधिक नुकसान हुआ। पुराने डॉक्यूमेंट को डिजिटल नहीं किया जा सका है। बैकअप ढूंढने अब पूरे कार्यालय को मशक्कत करनी होगी।
भंडार कक्ष में आग
रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने बताया कि, जिन कमरों में आग लगी है, उनमें भंडार कक्ष भी है। आग के कारणों की जांच जारी है। कितना नुकसान हुआ है, यह आकलन के बाद ही बता पाएंगे।
मूल प्रति स्कूलों के पास
निजी स्कूल संघ के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि, मान्यता प्राप्त करने के लिए जो कागजात जमा किए जाते हैं, उसकी मूल प्रति स्कूलों के पास होती है। मान्यता लेते समय एफडी के कागज जमा किए जाते हैं। इसकी मूल प्रति प्राप्त करना कठिन है।
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