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आरटीई में नर्सरी-केजी प्रवेश बंद करने का फैसला गरीबों पर अत्याचार : अय्यूब खान
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 18 फरवरी 2026,  03:59 PM IST
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आरटीई में नर्सरी-केजी प्रवेश बंद करने का फैसला गरीबों पर अत्याचार : अय्यूब खान

दुर्ग/रायपुर। अय्यूब खान, सचिव, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार द्वारा आरटीई के तहत नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 कक्षाओं में प्रवेश बंद कर केवल कक्षा 1 से प्रवेश देने के निर्णय को गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ अन्याय बताया है।

उन्होंने कहा कि अब तक आरटीई (Right to Education) के अंतर्गत निजी स्कूलों में नर्सरी से ही बच्चों को प्रवेश मिल जाता था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा का अवसर मिलता था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा यह व्यवस्था समाप्त कर केवल कक्षा 1 से प्रवेश देने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह शिक्षा के अधिकार की मूल भावना के विपरीत है।

अय्यूब खान ने कहा कि 16 फरवरी से आरटीई आवेदन पोर्टल खोला गया है, जिसमें सीधे कक्षा 1 से प्रवेश की प्रक्रिया दर्शाई जा रही है। पूर्व में यह प्रक्रिया नर्सरी एवं केजी-1 से प्रारंभ होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय निजी प्ले स्कूलों एवं नर्सरी स्कूलों को लाभ पहुंचाने वाला प्रतीत होता है, जबकि इससे गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी।

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश व्यवस्था को पुनः बहाल किया जाए।

प्रमुख मांगें

नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 में आरटीई प्रवेश तत्काल बहाल किया जाए।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के शिक्षा अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

शिक्षा नीति में पारदर्शिता एवं समान अवसर की गारंटी दी जाए।

अय्यूब खान ने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस, अभिभावकों एवं शिक्षा से जुड़े लोगों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करे और समान शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करे।

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