• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
रायपुर और भी
जल संरक्षण से आत्मनिर्भर किसान, चिड़ौला में शक्तिगत कूप बना ग्रामीण समृद्धि की मिसाल
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 18 फरवरी 2026,  08:53 PM IST
  • 325
जल संरक्षण से आत्मनिर्भर किसान, चिड़ौला में शक्तिगत कूप बना ग्रामीण समृद्धि की मिसाल

गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलने की ग्रामीण ने पहल

Image after paragraph


रायपुर।ग्रामीण विकास और जल संरक्षण एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं, जो सतत आजीविका, बेहतर स्वास्थ्य और कृषि उत्पादकता के लिए अनिवार्य हैं। वर्षा जल संचयन, तालाब गहरीकरण, और जल शक्ति अभियान जैसी पहल भू-जल स्तर में सुधार और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक हैं।  शक्तिगत कूप के निर्माण ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।
ग्रामीण विकास और जल संरक्षण की दिशा में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत चिड़ौला से एक सशक्त और प्रेरणादायी सफलता की कहानी सामने आई है। यहां शक्तिगत कूप निर्माण कार्य जयबहादुर सिंह के लिए स्वीकृत किया गया, जिसके लिए शासन द्वारा 1.80 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्थायी जल स्रोत उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को सुदृढ़ बनाना तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।
कूप निर्माण से पूर्व संबंधित हितग्राही सहित आसपास के किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थे, जिससे खेती करना अनिश्चित बना रहता था और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। लेकिन शक्तिगत कूप के निर्माण के बाद खेतों तक नियमित रूप से पानी पहुंचने लगा है, जिससे फसलों की समय पर सिंचाई संभव हुई। इसका सीधा लाभ कृषि उत्पादन में वृद्धि के रूप में सामने आया है, वहीं किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब किसान समय पर बुवाई कर पा रहे हैं और खेती अधिक लाभकारी एवं सुरक्षित बन गई है। यह कूप केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन गया है। जल उपलब्धता सुनिश्चित होने से क्षेत्र में दोहरी फसल लेने की संभावनाएं बढ़ी हैं, खेती की लागत में कमी आई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। साथ ही भूजल स्तर के संरक्षण और जल के समुचित उपयोग को भी बढ़ावा मिला है, जो दीर्घकालीन विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों ने शासन की इस जनहितकारी पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की क्षमता रखती हैं। 1.80 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुआ। यह शक्तिगत कूप निर्माण कार्य ग्राम पंचायत चिड़ौला में जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम होने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सफल, प्रेरक और अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।


Add Comment


Add Comment

960030820260416021008965415.png





ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter