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एसटीएफ मुख्यालय में गूंजे ‘भारत माता की जय’ के नारे, स्वामी परमहंस प्रज्ञानंद महाराज ने जवानों में भरा राष्ट्रभक्ति का जोश
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 24 फरवरी 2026,  08:35 PM IST
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एसटीएफ मुख्यालय में गूंजे ‘भारत माता की जय’ के नारे, स्वामी परमहंस प्रज्ञानंद महाराज ने जवानों में भरा राष्ट्रभक्ति का जोश

 

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दुर्ग। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के बघेरा स्थित राज्य मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ जवानों में राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यबोध का संचार हुआ। अवसर पर क्रियायोग के विश्वगुरु स्वामी परमहंस प्रज्ञानंद महाराज ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस देश के सैनिकों और युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पण और राष्ट्रभक्ति प्रबल होती है, वही देश चहुंमुखी विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ता है।
स्वामी जी ने कहा कि जवानों के समर्पण से ही देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा सुदृढ़ रहती है, जिससे राष्ट्र प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि आज हम आज़ाद हैं तो इसका श्रेय हमारे सैनिकों और तत्कालीन क्रांतिकारियों के त्याग व बलिदान को जाता है। द्वितीय विश्व युद्ध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी आज़ाद हिंद फौज का भी स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अंग्रेजी सेना में शामिल लाखों भारतीय सैनिकों की भूमिका ने ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया।
स्वामी परमहंस प्रज्ञानंद महाराज ने कहा कि सैनिक सीमाओं पर देश के शत्रुओं से लड़ते हैं, वहीं योग और साधना के माध्यम से हम शरीर के भीतर के शत्रुओं—काम, क्रोध, लोभ, मोह और वासना—को नियंत्रित करने का कार्य करते हैं। उन्होंने योग, प्राणायाम और साधना को मानसिक स्थिरता और ऊर्जा का स्रोत बताया।

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उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और ईमानदारी को देश के “स्वास्थ्य” के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि जैसे शरीर के लिए योग जरूरी है, वैसे ही राष्ट्र के लिए स्वच्छ वातावरण और कर्तव्यनिष्ठा अनिवार्य है। उन्होंने मन की चंचलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्वास नियंत्रण और योग से मन को साधा जा सकता है, और जब मन सधा होता है तो परिस्थितियाँ भी नियंत्रण में रहती हैं।
इस अवसर पर एसटीएफ के उप पुलिस अधीक्षक मारोती जगने ने बटालियन की जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ का गठन वर्ष 2007 में नक्सल उन्मूलन के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने बताया कि बटालियन में लगभग 2400 अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं और अब तक 597 नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि एसटीएफ को अब तक 2 कीर्ति चक्र, 3 राष्ट्रपति पदक सहित गृह मंत्रालय द्वारा अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि स्वामी परमहंस प्रज्ञानंद महाराज इन दिनों चोपड़ा पैलेस में आयोजित पांच दिवसीय विशेष साधना एवं क्रियायोग शिविर में भाग लेने दुर्ग आए हुए हैं। शिविर के तीसरे दिन उन्होंने लगभग 160 नए शिष्यों को दीक्षा भी प्रदान की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एसटीएफ के जवान एवं क्रियायोगी उपस्थित रहे।

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