• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
जरा हट के और भी
12 साल बाद मां-बेटी का भावुक मिलन, नागपुर मानसिक अस्पताल में छलके आंसू
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 24 फरवरी 2026,  11:21 PM IST
  • 262
12 साल बाद मां-बेटी का भावुक मिलन, नागपुर मानसिक अस्पताल में छलके आंसू

नागपुर। महाराष्ट्र से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां 12 साल से बिछड़ी मां और बेटी का पुनर्मिलन हुआ। सोमवार को नागपुर के क्षेत्रीय मानसिक अस्पताल में यह मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब मानसिक रोग का इलाज करा रही एक महिला अपनी सबसे बड़ी बेटी से मिली।

कविता (बदला हुआ नाम) को 20 फरवरी 2024 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह पिछले एक दशक से अधिक समय से अपने बच्चों से अलग रह रही थीं। उपचार और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें उनकी 23 वर्षीय बेटी की देखरेख में औपचारिक रूप से छुट्टी दे दी गई। इस दौरान मां-बेटी एक-दूसरे से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। अस्पताल के डॉक्टरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों ने भी इस पल को बेहद भावुक बताया।

संघर्षों से भरी रही जिंदगी

करीब एक दशक पहले कविता अपने पति और चार बच्चों के साथ बांद्रा में एक पुल के नीचे पाइपलाइन के पास अत्यंत गरीबी में जीवन यापन कर रही थीं। एक दुर्घटना में उनका एक पैर गंवा चुके पति विकलांगता और शराब की लत से जूझ रहे थे। वे कभी मंदिर से दान लेकर तो कभी छोटे-मोटे काम कर परिवार का गुजारा करते थे।

साल 2014 में चाइल्डलाइन और पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से परिवार को नागपुर लाया गया। बाल कल्याण समिति के समक्ष पेशी के बाद कविता को सरकारी प्रियदर्शनी महिला छात्रावास में रखा गया, जबकि बच्चों को श्रद्धानंदपेठ स्थित एक अनाथालय में दाखिल कराया गया।

अब 12 साल बाद मां-बेटी का यह मिलन न केवल परिवार के लिए बल्कि अस्पताल प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए भी उम्मीद और संवेदना का प्रतीक बन गया है।


Add Comment


Add Comment






ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter