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जबलपुर से बड़ी खबर: ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर कोर्ट सख्त, प्रोड्यूसर-नेटफ्लिक्स अधिकारियों को नोटिस
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 24 फरवरी 2026,  11:46 PM IST
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जबलपुर से बड़ी खबर: ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर कोर्ट सख्त, प्रोड्यूसर-नेटफ्लिक्स अधिकारियों को नोटिस

जबलपुर। घूसखोर पंडित फिल्म अपने टाइटल को लेकर कानूनी विवादों में घिर गई है। जबलपुर की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) कोर्ट ने फिल्म के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर नीरज पांडे और नेटफ्लिक्स के शीर्ष अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट के इस कदम के बाद मामला कानूनी रूप से गंभीर मोड़ ले चुका है।

भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

विवाद की शुरुआत एक आपराधिक मानहानि याचिका से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया कि फिल्म का शीर्षक ब्राह्मण समुदाय की भावनाओं को आहत करता है। सोमवार को मजिस्ट्रेट पंकज सविता की अध्यक्षता वाली JMFC कोर्ट ने शिकायतकर्ता पंडित वैभव पाठक के एफिडेविट और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर नोटिस जारी करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई की तारीख शीघ्र तय की जाएगी।

“नहीं हो सकती सामाजिक नुकसान की भरपाई”

शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फिल्म का शीर्षक बदले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन रिलीज से पहले हुए व्यापक प्रचार-प्रसार से जो सामाजिक क्षति हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत जिम्मेदार पक्षों को उत्तरदायी ठहराया जाना चाहिए।

किन-किन को भेजा गया नोटिस

कोर्ट ने फिल्म से जुड़े निम्नलिखित लोगों और अधिकारियों को नोटिस जारी किया है—

  • नीरज पांडे (प्रोड्यूसर-डायरेक्टर)

  • Reed Hastings (प्रेसिडेंट, Netflix USA)

  • Ted Sarandos (को-CEO, Netflix USA)

  • Bela Bajaria (चीफ कंटेंट ऑफिसर, Netflix USA)

  • Monika Shergill (नेटफ्लिक्स इंडिया से संबद्ध अधिकारी)

  • Netflix (डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म)

सभी संबंधित पक्षों को निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा।

“पूरे समुदाय की छवि खराब करने का प्रयास”

शिकायतकर्ता पंडित वैभव पाठक, जो मध्यप्रदेश प्रोग्रेसिव ब्राह्मण महासभा के सक्रिय सदस्य हैं, ने अदालत को बताया कि “पंडित” शब्द भारतीय संस्कृति में विद्वता, ज्ञान और धार्मिक पवित्रता का प्रतीक रहा है। ऐसे में इसे “घूसखोर” जैसे शब्द से जोड़ना पूरे ब्राह्मण समुदाय की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने जैसा है।

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