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मुंगेली में 26.87 लाख के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर बवाल
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 28 फरवरी 2026,  04:59 PM IST
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कलेक्टर ने माना गंभीर वित्तीय गड़बड़ी

मुंगेली । कलेक्ट्रेट मुंगेली के पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर खाते से करीब 26 लाख 87 हजार रुपये के संदिग्ध लेन-देन का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। कलेक्टर कुंदन कुमार ने खुद संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
यह खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में संचालित था। मामले के उजागर होने के बाद जिला प्रशासन ने बैंक प्रबंधन से विस्तृत जानकारी और जवाब मांगा है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि बिना खाताधारक की अनुमति शासकीय खाते से किसी भी प्रकार का लेन-देन धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है, चाहे बाद में राशि वापस जमा कर दी गई हो।
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जांच में सामने आया है कि करीब 9 लाख, 8 लाख और 6 लाख रुपये के तीन बड़े ट्रांजेक्शन किए गए, जबकि बैंक रिकॉर्ड में कुल 6 ट्रांजेक्शन दर्ज हैं। इस पर कलेक्टर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि के ट्रांजेक्शन बिना शाखा प्रबंधक की आईडी के संभव नहीं हैं। ऐसे में केवल एक कर्मचारी द्वारा लंच टाइम में ट्रांजेक्शन किए जाने का दावा अविश्वसनीय प्रतीत होता है।
बताया जा रहा है कि संबंधित खाता अपर कलेक्टर जी.एल. यादव के प्रभार में था और राशि वर्ष 2019-20 की है। जब वित्त विभाग के निर्देश पर खाते का द्ग-्यङ्घष्ट किया गया, तब इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। प्रशासन ने सवाल उठाया है कि खाताधारक की जानकारी के बिना इतनी बड़ी राशि निजी खातों में कैसे ट्रांसफर हो गई।
हालांकि बैंक प्रबंधन ने एक कर्मचारी को निलंबित करने की जानकारी दी है, लेकिन प्रशासन इसे पर्याप्त नहीं मान रहा है। मामले की जांच अब विजिलेंस टीम को सौंप दी गई है। साथ ही बैंक से मांगे गए दस्तावेज और स्टेटमेंट संतोषजनक रूप से प्रस्तुत नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई है।
कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शासकीय धन की सुरक्षा और बैंकिंग व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

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