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तहसील भवन ऐतिहासिक धरोहर है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी - कलेक्टर कुलदीप शर्मा
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 6 मार्च 2026,  07:41 PM IST
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पुराने तहसील कार्यालय में तड़के लगी आग, दमकल ने पाया काबू

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार स्थित पुराने तहसील कार्यालय में शुक्रवार तड़के अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब 4 बजे लगी इस आग ने तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड रूम के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और दमकल टीम की मदद से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे अधिकांश महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित बचा लिए गए। मिली जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले पुराने एसडीओपी कार्यालय की ओर से लगी थी, जो धीरे-धीरे फैलते हुए तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड रूम और नायब तहसीलदार कोर्ट की ओर पहुंच गई। आग की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम और नजदीकी सीमेंट संयंत्र की दमकल टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकल कर्मियों की तत्परता के चलते आग को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर कुलदीप शर्मा मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आग लगने के कारणों की जांच के लिए एक टीम गठित की जाए।

 ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग किस वजह से लगी। कलेक्टर ने कहा कि यह तहसील भवन ऐतिहासिक धरोहर है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आग से प्रभावित हिस्से का जल्द से जल्द आकलन कर मरम्मत और पुनरुद्धार के लिए विस्तृत प्राक्कलन तैयार किया जाए। साथ ही आवश्यक तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कर मरम्मत कार्य शुरू करने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाए। इसके अलावा कलेक्टर ने जिले के सभी पुराने शासकीय भवनों की सुरक्षा को लेकर भी अहम निर्देश दिए। उन्होंने जिला मुख्यालय और सभी विकासखंड मुख्यालयों में स्थित पुराने सरकारी भवनों की विद्युत वायरिंग की जांच कराने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम सभी भवनों की जांच कर सुरक्षा संबंधी प्रमाण पत्र भी जारी करेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

 प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह तहसील भवन वर्ष 1907 में निर्मित हुआ था और लगभग 851 वर्गमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। भवन की ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए इसके संरक्षण और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। घटना के दौरान प्रशासनिक अमले ने तेजी से कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड रूम में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे किसी बड़े नुकसान से बचाव हो गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मौके पर निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर अवध राम ठंडन, एसडीएम प्रकाश कोरी, तहसीलदार निवेश कोरी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और भवन के क्षतिग्रस्त हिस्सों का जल्द पुनरुद्धार कराया जाएगा।

 

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