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सरहद की सेवा के बाद अब ’सौर ऊर्जा’ से आत्मनिर्भरता की राह पर दुर्ग के पूर्व सैनिक जयपाल
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 11 मार्च 2026,  07:53 PM IST
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सरहद की सेवा के बाद अब ’सौर ऊर्जा’ से आत्मनिर्भरता की राह पर दुर्ग के पूर्व सैनिक जयपाल

सूर्य घर योजना से जयपाल बने ऊर्जा आत्मनिर्भर, घर की छत पर ₹17,000 की अतिरिक्त बिजली पैदा कर पड़ोसियों के लिए बने मिसाल

दुर्ग/ दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा के निवासी और भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जवान, श्री जयपाल ने केंद्र सरकार की ‘‘पीएम सूर्य घर योजना’’ को अपनाकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखी है। वर्तमान में भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत श्री जयपाल ने अपने घर पर तीन किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है, जिसके परिणामों ने उन्हें और उनके पड़ोसियों को हर्षित कर दिया है।

    श्री जयपाल बताते हैं कि एक साल पहले उन्होंने यह सिस्टम स्थापित किया था। जनवरी 2025 से अब तक उनके सोलर पैनल ने कुल 4870 यूनिट बिजली पैदा की। इसमें से उन्होंने 2008 यूनिट खुद उपयोग किया और शेष 2862 यूनिट बिजली विभाग को ग्रिड में दे दी, जिससे उन्हें बिजली विभाग द्वारा अब तक 17414 रुपये का सोलर रिबेट दिया गया, जिसे उनके बिल में एडजस्ट किया गया है। पहले जहां उनका बिल 2000 से 2500 रुपये प्रति माह आता था, अब वह लगभग शून्य या माइनस में आता है। जयपाल जी का कहना है कि एक साल में उन्हें किसी भी तकनीकी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया, ’’इसका मेंटेनेंस बेहद आसान है। बस सुबह सूरज निकलने से पहले पानी से एक बार धो देने पर यह पूरी तरह साफ रहता है। आज तक इसमें कोई समस्या नहीं आई है।’’ उन्होंने कहा कि छत पर पैनल लगने से पानी की टंकियों को भी छाया मिली है, जिससे टंकी का पानी भी ठंडा रहता है। अपनी सफलता से उत्साहित होकर जयपाल जी ने अपने पड़ोसियों को भी प्रेरित किया, अब उन्होंने भी अपने घरों में सोलर पैनल लगवा लिए हैं। वे कहते हैं, मैं चाहता हूँ कि हर घर में यह पैनल लगे ताकि लोग आधुनिक जीवनशैली के कारण अधिक बिजली बिलों से मुक्त होकर खुशहाल जीवन जी सकें। इस पहल के लिए उन्होंने शासन का आभार जताया।

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