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सुशासन की नई पहल से अब गांवों में ही होगा समस्याओं का निदान
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 23 मार्च 2026,  06:40 PM IST
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सुशासन की नई पहल से अब गांवों में ही होगा समस्याओं का निदान

जिले में ग्रामीण और खण्ड स्तरीय सचिवालयों का संचालन*

*-सचिवालयों की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह की 05 और 20 तारीख को जिला कार्यालय में होगी प्रस्तुत*

दुर्ग/ ग्रामीण प्रशासन को अधिक जनोन्मुख, पारदर्शी और संवेदनशील बनाने के लिए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस पहल के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में ’ग्रामीण सचिवालय’ और जनपद पंचायत स्तर पर ’खण्ड सचिवालय’ की स्थापना की जा रही है, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके। यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा वर्ष 2004 में जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पुनः प्रभावी की गई है। ग्रामीण स्तर पर आयोजित होने वाले ग्रामीण सचिवालय के लिए सप्ताह के विभिन्न दिन जैसे सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार निर्धारित किए गए हैं। इन सचिवालयों में 11 महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, जिनमें ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, लाइनमेन, पंप मैकेनिक, सहकारिता समिति सेवक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रधान पाठक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पशु चिकित्सा क्षेत्र सहायक शामिल हैं। 

    इसी क्रम में जनपद स्तर पर खण्ड सचिवालय की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। जनपद पंचायत दुर्ग में खण्ड सचिवालय का आयोजन प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय बुधवार को जनपद पंचायत भवन दुर्ग में किया जाएगा। जनपद पंचायत धमधा के लिए प्रत्येक माह का प्रथम एवं तृतीय सोमवार निर्धारित किया गया है और इसका आयोजन जनपद पंचायत भवन धमधा में होगा। वहीं, जनपद पंचायत पाटन में यह आयोजन माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को जनपद पंचायत भवन पाटन में संपन्न होगा। इन खण्ड सचिवालयों में सम्बन्धित जनपद क्षेत्र के ’खण्ड स्तर’ के समस्त अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन सचिवालयों की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह की 05 और 20 तारीख को अनिवार्य रूप से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से जिला कार्यालय को प्रस्तुत की जाएगी ताकि विकास कार्यों और जन-शिकायतों की समीक्षा प्रभावी ढंग से की जा सके। 

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