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बस्तर में बड़ा आत्मसमर्पण: 18 माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौटे, 87 लाख के इनामी उग्रवादियों ने डाले हथियार
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 26 मार्च 2026,  09:32 AM IST
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बस्तर में बड़ा आत्मसमर्पण: 18 माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौटे, 87 लाख के इनामी उग्रवादियों ने डाले हथियार

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत माओवादी उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े कुल 18 माओवादी कैडरों (07 महिला सहित) ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है।

इस सामूहिक आत्मसमर्पण में SZCM पापाराव सहित कई वरिष्ठ माओवादी नेता शामिल हैं, जिन पर कुल 87 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को लगभग शून्य करने की दिशा में निर्णायक साबित हो रहा है।

 हथियार और नकदी बरामद

आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने AK-47, INSAS, SLR समेत कुल 18 घातक हथियार और 12 लाख रुपये नगद सरकार को सौंपे। बरामद हथियारों में 8 AK-47, 1 SLR, 1 INSAS, 4 .303 राइफल, 1 पिस्टल, 2 सिंगल शॉट और 1 BGL लॉन्चर शामिल हैं।

माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका

पुलिस के अनुसार, दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय अंतिम प्रभावशाली माओवादी नेता पापाराव का आत्मसमर्पण संगठन के लिए बड़ा झटका है। पापाराव पर बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में दर्जनों आपराधिक मामले और 41 स्थायी वारंट लंबित हैं।

आंकड़ों में बड़ी उपलब्धि

01 जनवरी 2024 से 25 मार्च 2026 तक बस्तर संभाग में कुल 2756 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास का मार्ग अपनाया है, जो नक्सल विरोधी अभियानों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

 वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम

यह कार्यक्रम जगदलपुर के शौर्य भवन (पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर) में आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस महानिदेशक, एडीजी, आईजी बस्तर रेंज, सीआरपीएफ और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, जिला पुलिस अधीक्षक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

 पुनर्वास से पुनर्जीवन की ओर

सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत इन कैडरों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास, शिक्षा, आवास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन प्रदान कर स्थायी शांति स्थापित करना है।

 शेष माओवादियों से अपील

पुलिस ने अब भी सक्रिय माओवादी कैडरों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें। शासन ने उनके सुरक्षित और उज्जवल भविष्य का भरोसा दिलाया है।

इस बड़ी कार्रवाई से बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने के साथ ही विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


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