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इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट में रचा इतिहास
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 29 मार्च 2026,  08:33 PM IST
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इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट में रचा इतिहास

मुख्यमंत्री श्री साय ने किया सम्मानित, किट देकर बढ़ाया हौसला*

रायपुर, / सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाली जशपुर जिले के इचकेला की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में ऐसा प्रदर्शन किया कि आज वे जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी इसी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर नगर के मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में उनसे मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

 ग्राम इचकेला के शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की 16 बालिका खिलाड़ियों ने क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और वे आगे भी इसी तरह राज्य और देश का नाम रोशन करती रहें।

इचकेला एमसीसी एक क्रिकेट अकादमी के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां से वर्तमान में 40 बालिकाएं नियमित रूप से क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनमें से 17 खिलाड़ी अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और बोर्ड मैचों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।

वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों बाद राज्य स्तरीय अंडर-17 क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में इचकेला एमसीसी की भूमिका निर्णायक रही। विजेता टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ी इसी अकादमी की थीं। वहीं अंडर-19 वर्ग में भी सरगुजा संभाग ने रजत पदक जीता, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। रायगढ़ में आयोजित वर्ष 2025 के इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में देशभर की टीमों के बीच इचकेला की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इन उपलब्धियों के पीछे कोच श्री संतोष शंकर सोनी और श्रीमती पंडरी बाई का समर्पण और मार्गदर्शन प्रमुख रहा है।इचकेला की बेटियों की सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मन में जुनून हो और सही मार्गदर्शन मिले तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती।

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