• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
रायपुर और भी
आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 30 मार्च 2026,  06:24 PM IST
  • 264
आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुलिस अकादमी में 859 प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह संपन्न*

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदार, उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, तब उनके पास प्रतिभा थी, और आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका है, जो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है। जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होती, लेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है। 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के ‘निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी, जिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच है, जिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस डिजिटल, तकनीकी और उन्नत साधनों से लैस होगी, लेकिन जनता का विश्वास केवल व्यवहार, आचरण और निष्ठा से ही अर्जित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय न्याय, ईमानदारी और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अंत में उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आशाओं और विश्वास के संरक्षक भी हैं।Image after paragraph

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी उप निरीक्षकों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई है, जो शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों के मन में कानून का भय और आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे।

समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, सुंदर मनीष, जितेन्द्र कुमार वैष्णव, जितेंद्र सिंह राजपूत एवं राकेश वैष्णव—को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, अकादमी के संचालक श्री अजय यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक पल्लव सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।

RO. NO Ooo
❮ ❯

Add Comment


Add Comment

RO. NO Ooo
558171020260826391010662253.png





Get Newspresso, our morning newsletter