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छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित, समाज ने जताया समर्थन
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 7 अप्रैल 2026,  11:14 AM IST
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छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित, समाज ने जताया समर्थन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने समर्थन और आभार व्यक्त किया है। राजधानी रायपुर स्थित प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर ने इस विधेयक को सामाजिक संतुलन और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
डॉ. चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी विविधता, परंपराओं और सामाजिक समरसता से जुड़ी है, जहां आस्था केवल व्यक्तिगत विषय नहीं बल्कि सामाजिक संरचना का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में धर्मांतरण से जुड़े विवादों के कारण कई क्षेत्रों में सामाजिक तनाव और विभाजन की स्थिति उत्पन्न हुई है।
धर्मांतरण प्रक्रिया को मिलेगा कानूनी ढांचा ..
उन्होंने बताया कि कई मामलों में धर्म परिवर्तन स्वैच्छिक न होकर प्रलोभन, दबाव या अनुचित प्रभाव के माध्यम से किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में इस विधेयक के जरिए धर्मांतरण प्रक्रिया को स्पष्ट और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।
विधेयक में बल, प्रलोभन या अनुचित प्रभाव से किए गए धर्मांतरण को अवैध घोषित करते हुए दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं। डॉ. चंद्राकर के अनुसार, यह प्रावधान विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों की धार्मिक और सांस्कृतिक सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं।
व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक संतुलन का संतुलन ..
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी धर्म या आस्था के विरोध में नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आस्था का चयन पूरी तरह स्वतंत्र और स्वैच्छिक हो। उन्होंने कहा कि यह कानून व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक स्थिरता के बीच संतुलन स्थापित करेगा।
डॉ. चंद्राकर ने यह भी कहा कि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में धर्मांतरण का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कई बार पूरे सामाजिक ढांचे को प्रभावित करता है। इसलिए लंबे समय से एक प्रभावी विधिक व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
समाज ने की शांति और संवाद बनाए रखने की अपील ..
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आपसी सम्मान, संवाद और शांति बनाए रखें तथा कानून की भावना के अनुरूप आचरण करें। साथ ही उम्मीद जताई कि इस कानून के लागू होने के बाद धर्मांतरण से जुड़े विवाद अब स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाए जा सकेंगे।
इस अवसर पर खोड्स राम कश्यप (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज), यशवंत सिंह वर्मा (महामंत्री), ललित कांकड़े (अध्यक्ष, तिरेला कुर्मी समाज) एवं सुनील नायक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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