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नक्सल क्षेत्र में उम्मीद की नई किरण,पक्का घर बना सम्मानजनक जीवन का आधार
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 8 अप्रैल 2026,  09:48 PM IST
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नक्सल क्षेत्र में उम्मीद की नई किरण,पक्का घर बना सम्मानजनक जीवन का आधार

रायपुर/ बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत धर्मावरम ग्राम से एक सकारात्मक बदलाव की कहानी सामने आई है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास की नई तस्वीर बयान करती है। कभी नक्सल प्रभावित यह इलाका अब शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकास की मुख्यधारा से जुड़ता दिखाई दे रहा है।

इसी परिवर्तन की मिसाल हैं 60 वर्षीय श्रीमती गुण्डी बुचम्मा, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे एवं खपरैल वाले मकान में कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन व्यतीत किया। बारिश के मौसम में घर की छत से पानी टपकना, असुरक्षा और असुविधा उनके जीवन का हिस्सा था। किन्तु अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का मकान प्राप्त हुआ है, जिसने उनके जीवन में एक नया आत्मविश्वास और सुरक्षा प्रदान की है। 

यह पक्का मकान उनके लिए केवल एक आवास नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और स्थायित्व का प्रतीक बन गया है। उनके पुत्र जगत बुचम्मा के अनुसार, अब परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और दैनिक जीवन में काफी सुविधा महसूस कर रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में नक्सल प्रभाव के कारण विकास कार्य बाधित होते थे, लेकिन वर्तमान में प्रशासन की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने से योजनाओं का क्रियान्वयन तेज हुआ है। शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं, जिससे आमजन का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।

धर्मावरम की यह कहानी केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते बीजापुर की तस्वीर है, जहां अब भय और असुरक्षा की जगह विकास, विश्वास और उम्मीद ने ले ली है। शासन की सतत पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की यह प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है।


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