• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
बीजापुर और भी
सुदूर बीजापुर में चिकित्सा चमत्कार : अत्यंत दुर्लभ बीमारी से जूझते शिशु को बचाया
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 30 अप्रैल 2026,  05:04 AM IST
  • 163
सुदूर बीजापुर में चिकित्सा चमत्कार : अत्यंत दुर्लभ बीमारी से जूझते शिशु को बचाया

*केले के पत्तों से किया गया विशेष देखभाल*

रायपुर, /जिला अस्पताल बीजापुर के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु का सफलतापूर्वक उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया गया है।

ग्राम कोरसागुड़ा कोरसागुड़ा, बासागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल 2026 को गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया था। जांच में शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है। यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की। उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं। शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया। इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे। साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके।@GI

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. आर. पुजारी एवं सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में उपचार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस उपलब्धि में कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत प्रशासनिक सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में मदद मिली।

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया। उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

यह सफलता दर्शाती है कि अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और जिला अस्पताल बीजापुर का SNCU क्षेत्रवासियों के लिए आशा का केंद्र बनकर उभर रहा है।

Image after paragraph
RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter