• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 2 मई 2026,  12:18 AM IST
  • 181
छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद

51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी

रायपुर, / छत्तीसगढ़ राज्य में भारत की जनगणना 2027श् के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। 01 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक चलेगा। इस कार्य के लिए राज्य भर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्रित कर रहे हैं।

*पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना*

          इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्नों की जानकारी दर्ज करेंगे।

*प्रशासन सख्त- अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई*

        प्रशासन ने जनगणना कार्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इससे इनकार करना एक दंडनीय अपराध है।

*उपलब्धियां और उत्साह का वातावरण* 

       दुर्गम क्षेत्रों में मिसाल- बस्तर जिले के तोकापाल तहसील अंतर्गत ग्राम गाटम के प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर उत्साह का संचार किया। अभियान के पहले दिन ही जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। स्व-गणना राज्य में डिजिटल साक्षरता का प्रभाव दिखा, जहाँ 16 से 30 अप्रैल के बीच 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की।

*डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी*

        जनगणना निदेशालय ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती। यहाँ तक कि सूचना का अधिकार के माध्यम से भी व्यक्तिगत डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा।

*नागरिकों से अपील*

       प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपका यह सहयोग केवल जानकारी मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका अमूल्य योगदान है।


Add Comment


Add Comment






Get Newspresso, our morning newsletter