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सहकारिता विभाग के अधिकारियों का ब्रह्माकुमारीज आनंद सरोवर में स्नेह मिलन, राजयोग से तनावमुक्त जीवन का संदेश
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 5 मई 2026,  10:15 AM IST
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सहकारिता विभाग के अधिकारियों का ब्रह्माकुमारीज आनंद सरोवर में स्नेह मिलन, राजयोग से तनावमुक्त जीवन का संदेश

दुर्ग। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, आनंद सरोवर बघेरा में कार्यालय संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयन सहकारी संस्थाएं दुर्ग संभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आध्यात्मिक सशक्तिकरण के माध्यम से सहकारिता विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को तनावमुक्त जीवन और बेहतर कार्यक्षमता के लिए प्रेरित करना था।Image after paragraph

ब्रह्माकुमारी संस्था “सर्व के सहयोग से सुखमय संसार” के उद्देश्य के साथ पिछले 90 वर्षों से समाज में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए कार्यरत है। वहीं सहकारिता विभाग भी आपसी सहयोग के माध्यम से लोगों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य करता है। इसी समान उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन रखा गया।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी (संचालिका, ब्रह्माकुमारीज दुर्ग) ने कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण के लिए आध्यात्मिक जागृति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य स्वयं को केवल शरीर समझता है, तभी दुख, चिंता और तनाव उत्पन्न होते हैं। वास्तव में हम अविनाशी चैतन्य आत्माएं हैं, जिनका मूल स्वभाव शांति, प्रेम और आनंद है। यदि हम इसी आत्मस्मृति में रहें तो सहज रूप से तनावमुक्त रह सकते हैं।Image after paragraph

उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा शिव सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ और सर्वकल्याणकारी हैं। उनसे मन-बुद्धि के माध्यम से संबंध जोड़ना ही राजयोग कहलाता है। राजयोग के द्वारा हम परमात्मा के गुणों और शक्तियों का अनुभव कर जीवन को सुखमय बना सकते हैं।

संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयन सहकारी संस्थाएं दुर्ग संभाग मुकेश कुमार ध्रुव ने अपने उद्बोधन में कहा कि घर और कार्यालय में कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं, जिनसे व्यक्ति तनाव में आ जाता है। यदि ब्रह्माकुमारी दीदियों द्वारा बताई गई विधियों को जीवन में अपनाया जाए तो निश्चित रूप से तनावमुक्त रहकर खुशी का अनुभव किया जा सकता है, जिससे कार्यक्षमता भी बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि आनंद सरोवर का शांत वातावरण अत्यंत सुखद अनुभूति प्रदान करता है और यहां आकर उन्हें बहुत अच्छा अनुभव हुआ। उन्होंने संस्था को इस आयोजन के लिए साधुवाद दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा बहन जी ने कहा कि शांति, खुशी और आनंद हमारे भीतर ही मौजूद हैं, लेकिन ज्ञान के अभाव में हम उन्हें बाहर खोजते हैं। “मैं शांत हूं, मैं सदा खुश हूं, मैं शक्तिशाली हूं” — यह स्मृति मन को हल्का और स्थिर बनाए रखती है।

इस अवसर पर युगल कुमार मिश्रा, अंकेक्षण अधिकारी सहकारी संस्थाएं दुर्ग संभाग सहित बड़ी संख्या में सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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