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सुशासन तिहार बना किसानों की उम्मीद, केसीसी से खुले तरक्की के नए रास्ते
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 7 मई 2026,  07:49 PM IST
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सुशासन तिहार बना किसानों की उम्मीद, केसीसी से खुले तरक्की के नए रास्ते

रायपुर, जिले में सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित ‘‘सुशासन तिहार‘‘ आज किसानों के लिए खुशहाली का नया पैगाम लेकर आया है। ग्राम हल्बारास में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान उस वक्त एक सुखद दृश्य देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में किसानों की समस्याओं का न केवल त्वरित निराकरण किया गया, बल्कि उन्हें शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से सीधे लाभान्वित भी किया गया। इस शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का वितरण और नवीनीकरण रही, जिसने खेती-किसानी को एक नई दिशा देने का मार्ग प्रशस्त किया है।Image after paragraph

शिविर के दौरान ग्राम हल्बारास के प्रगतिशील किसान श्री हिराधर भागरथी के चेहरे पर उस समय आत्मसंतुष्टि की मुस्कान तैर गई, जब उन्हें अपना किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त हुआ। अपनी भावनाओं को साझा करते हुए श्री भागरथी ने शासन और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया और बताया कि उनके पास 7 एकड़ से अधिक उपजाऊ भूमि है, लेकिन अब तक संसाधनों की कमी एक बड़ी बाधा थी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्ड के माध्यम से अब उन्हें बैंक से सुलभ ऋण प्राप्त होगा, जिससे वे खाद, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि उपकरणों की व्यवस्था समय पर कर सकेंगे। श्री भागरथी का कहना है कि अब वे पारंपरिक धान की खेती के दायरे से बाहर निकलकर अन्य नकदी फसलों की ओर कदम बढ़ाएंगे, जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी बल्कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में भी सक्षम होंगे।

इसी कड़ी में, किसान क्रेडिट कार्ड के नवीनीकरण के लिए पहुंचे श्री नवल सिंह राणा के अनुभव इस योजना की जमीनी सफलता को प्रमाणित करते हैं। श्री राणा ने बताया कि केसीसी किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इसने उन्हें साहूकारों के चंगुल और अत्यधिक ब्याज के बोझ से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने साझा किया कि इस कार्ड के माध्यम से उन्होंने न केवल खेती बल्कि पशुपालन जैसे सहायक व्यवसायों के लिए भी ऋण प्राप्त किया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। उनका मानना है कि समय पर वित्तीय सहायता मिलने से किसान अपनी आवश्यकताओं को सम्मान के साथ पूरा कर पाते हैं और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हैं।

सुशासन तिहार के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और सरलता के साथ पहुँचे। हल्बारास में आयोजित यह शिविर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ जनता के द्वार पर पहुँचता है, तो न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि विकास की प्रक्रिया में आम नागरिक की भागीदारी भी सुनिश्चित होती है। आज दंतेवाड़ा के किसान केसीसी की शक्ति से लैस होकर आधुनिक और लाभप्रद खेती के एक नए युग की ओर अग्रसर हो रहे हैं।


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