• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
बस्तर और भी
आज़ादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ के अति दूरस्थ गांव कारकाबेड़ा में खुला नया प्राथमिक स्कूल
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 17 मई 2026,  10:40 PM IST
  • 95
आज़ादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ के अति दूरस्थ गांव कारकाबेड़ा में खुला नया प्राथमिक स्कूल

*अबूझमाड़ में फैल रही है शिक्षा की रौशनी*

 *नदी-नाले और पहाड़ पार कर 5 घंटे पैदल चलकर अधिकारियों ने कराया दाखिला*

रायपुर, देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ क्षेत्र अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शिक्षा की नई रोशनी की ओर बढ़ रहा है। इसका सबसे सुखद और ऐतिहासिक परिणाम नारायणपुर जिले के अति दूरस्थ ग्राम कारकाबेड़ा में देखने को मिला है, जहां आजादी के बाद पहली बार किसी स्कूल की स्थापना हुई है। कभी नक्सलियों का गढ़ रहे इस इलाके में अब बच्चों को बंदूक की जगह कलम और किताबें मिल रही हैं।

*जनसमस्या शिविर से खुला विकास का रास्ता*

    हाल ही में अबूझमाड़ के सुदूर क्षेत्र कोड़ेनार में एक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में कारकाबेड़ा के ग्रामीणों ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए गांव में ही स्कूल खोलने की पुरजोर मांग की थी। कलेक्टर ने मामले की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए तत्परता दिखाई और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

*5 घंटे की पैदल यात्रा और सर्वे*

     कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले कारकाबेड़ा गांव का सर्वे किया, जिसमें 20 बच्चे प्राथमिक शिक्षा के योग्य पाए गए। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी,खंड स्रोत समन्वयक, संकुल समन्वयक, सरपंच और शिक्षकों की संयुक्त टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया। यह टीम दुर्गम रास्तों, कई नदी-नालों और पहाड़ियों को पार करते हुए लगभग 5 घंटे की कठिन पैदल यात्रा कर कारकाबेड़ा पहुंची और नवीन प्राथमिक शाला का औपचारिक शुभारंभ किया।

*मुफ्त गणवेश और शिक्षण सामग्री का वितरण*

    स्कूल के पहले ही दिन बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही चमक थी। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल प्रारंभ होने के साथ ही सभी 20 बच्चों को निःशुल्क गणवेश,पाठ्यपुस्तकें और स्लेट

पेंसिल, श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियां उपलब्ध कराई गईं।

   कारकाबेड़ा सरपंच रामूराम वड्डे ने कहा कि गांव में स्कूल खुलना हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। अब हमारे बच्चों को पढ़ने के लिए जान जोखिम में डालकर दूर नहीं जाना पड़ेगा।

*अतिथि शिक्षक की व्यवस्था,पड़ोसी गांवों को भी मिलेगा लाभ*

     वर्तमान में इस स्कूल के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक स्थानीय अतिथि शिक्षक की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में कारकाबेड़ा के इस स्कूल का लाभ आसपास के अन्य दूरस्थ गांवों, जैसे मरकूड़ के बच्चों को भी मिलेगा।

     नक्सलवाद के खात्मे के बाद अबूझमाड़ के इस अंदरूनी इलाके में स्कूल खुलना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार और शांति बहाली की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

RO. NO 13843/ 27

RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter