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अधिकारी हो तो ऐसा: 42 अफसरों के साथ गांव पहुंचे रीवा कलेक्टर, जमीन पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 19 मई 2026,  05:27 PM IST
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अधिकारी हो तो ऐसा: 42 अफसरों के साथ गांव पहुंचे रीवा कलेक्टर, जमीन पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी एक बार फिर अपनी अलग कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। रीवा के गंगेव जनपद पंचायत अंतर्गत टिकुरी गांव में आयोजित ग्राम चौपाल में कलेक्टर ने ऐसा संदेश दिया, जिसकी पूरे जिले में चर्चा हो रही है। खास बात यह रही कि वे 42 विभागीय अधिकारियों को साथ लेकर नॉन एसी बस से सीधे गांव पहुंचे और वहां ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर समस्याएं सुनीं।

ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने राजस्व, सड़क, पेयजल, आवास और आंगनवाड़ी से जुड़ी कई समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने हर शिकायत को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों को भी ग्रामीणों के बीच बैठाकर समस्याएं सुनने का यह तरीका लोगों को काफी पसंद आया।

राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान सीमांकन मामलों में देरी सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित नायब तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं आंगनवाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं होने की शिकायत पर संबंधित सुपरवाइजर को निलंबित करने और सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों ने गांव में रास्ता विवाद और संकरी सड़क की समस्या भी उठाई। इस पर कलेक्टर ने तुरंत सड़क चौड़ीकरण और विवाद समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने साफ कहा कि गांव में शिविर लगाकर विभागीय अधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान करें ताकि ग्रामीणों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने उन हितग्राहियों के आवास निरस्त करने के निर्देश दिए, जिन्होंने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की नल-जल योजना में लापरवाही मिलने पर पीएचई उपयंत्री और रोजगार सहायक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सरपंच और जनपद सीईओ को योजना जल्द शुरू कराने को कहा गया। ग्रामीणों ने भी नियमित पानी सप्लाई के लिए शुल्क देने पर सहमति जताई।

इसके अलावा विद्युत विभाग को गांव में जल्द घर-घर मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। टंट्या मामा योजना के पात्र हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों को भी प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया।

कलेक्टर सूर्यवंशी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि टिकुरी गांव की शिकायतें दोबारा जनसुनवाई में आती हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ महताब सिंह गुर्जर, जिला सीईओ प्राची चतुर्वेदी सहित कई जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


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