• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क और भी
उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” से बंदियों के जीवन में जागी नई उम्मीद
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 19 मई 2026,  06:08 PM IST
  • 126
उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” से बंदियों के जीवन में जागी नई उम्मीद

उप जेल बीजापुर में शिक्षा की नई शुरुआत

रायपुर, /बीजापुर उप जेल में शिक्षा के माध्यम से बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में “उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” के तहत असाक्षर कैदियों और बंदियों के लिए नवसाक्षरता अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।Image after paragraph

इस अभियान के तहत बंदियों को पढ़ाई के लिए पेन, पेंसिल, पुस्तकें और व्हाइटबोर्ड जैसी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को साक्षर बनाकर उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया ने कहा कि शिक्षा जीवन बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि शासन का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति शिक्षा से वंचित न रहे। जेल में बंद असाक्षर लोगों को शिक्षित करना सामाजिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उप जेल प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बंदियों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया और शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान बंदियों में सीखने को लेकर उत्साह और नई उम्मीद देखने को मिली।

“उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” के माध्यम से उप जेल बीजापुर में शिक्षा का सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। यह पहल बंदियों के जीवन में बदलाव लाने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाने का प्रेरणादायक प्रयास बन रही है।


Add Comment


Add Comment






Get Newspresso, our morning newsletter