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शासन की संवेदनशीलता और जनभागीदारी का अनूठा उदाहरण
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 25 मई 2026,  10:36 PM IST
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शासन की संवेदनशीलता और जनभागीदारी का अनूठा उदाहरण

जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले’ अभियान बना ग्रामीणों की उम्मीदों का नया सवेरा
-​दूरस्थ वनांचल की धामिनी को मिला आयुष्मान का सुरक्षा कवच, चिंतामुक्त हुआ भविष्य
​रायपुर। 
​दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के इरादे से धमतरी जिले में एक ऐतिहासिक पहल की गई। जिले में 18 मई से 25 मई 2026 तक संचालित विशेष अभियान “जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले” के अंतर्गत 'जनजातीय गरिमा उत्सव' का सफल आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आयोजित इस विशेष शिविर ने वनांचल के अनेक जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नया सवेरा लाने का काम किया है।
​इन्हीं बदलावों की एक जीवंत तस्वीर धमतरी जिले के सुदूर ग्राम मोंगरा गहन की निवासी धामिनी के चेहरे पर साफ देखी जा सकती है, जहाँ भविष्य को लेकर अब एक नया आत्मविश्वास और संतोष चमक रहा है।
-​कल तक जो थी सबसे बड़ी चिंता, आज मिला उसका स्थायी समाधान
​कुछ समय पहले तक धामिनी और उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी मानसिक और आर्थिक चिंता बीमारी और उसके इलाज को लेकर थी। सीमित आय और संसाधनों के अभाव के कारण परिवार का कोई भी सदस्य बीमार पड़ता, तो पूरा परिवार गहरे आर्थिक संकट में घिर जाता था। गाँव से अस्पताल की लंबी दूरी, महँगा इलाज और आवश्यक सरकारी दस्तावेजों की सही जानकारी न होना उनकी इस परेशानी को कई गुना बढ़ा देता था। पैसों की तंगी और खर्च की चिंता में कई बार छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज भी टालना पड़ता था, जो बाद में गंभीर रूप ले लेती थीं।
-​गाँव पहुँचा प्रशासन, शिविर में ही बन गया ‘आयुष्मान कार्ड’
​धामिनी के परिवार की यह चिंता तब दूर हुई जब जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान प्रशासनिक टीम खुद उनके गाँव मोंगरा गहन पहुँची। 'सरकार आपके द्वार' की भावना के साथ आयोजित इस विशेष शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की न केवल जानकारी दी गई, बल्कि मौके पर ही उनके दस्तावेज़ भी तैयार किए गए।
इसी शिविर में धामिनी का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सौंपा गया। कार्ड हाथ में आते ही धामिनी के चेहरे पर जो राहत और खुशी दिखी, वह इस अभियान की वास्तविक सफलता को बयां कर रही थी। ​धामिनी ने कहा कि अब बीमारी की स्थिति में अस्पताल में इलाज कराना पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा आसान हो जाएगा। इलाज के खर्च और आर्थिक परेशानी का जो बोझ हमेशा दिल पर रहता था, वह अब पूरी तरह कम हो गया है। हमारी सुध लेने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का बहुत-बहुत आभार, जिनकी योजनाएँ अब सचमुच हम जैसे जरूरतमंदों के घर तक पहुँच रही हैं।
-​एक ही छत के नीचे मिलीं तमाम बुनियादी सुविधाएँ
​इस विशेष अभियान के दौरान जिले के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुविधा के लिए कई तरह की सेवाओं को एक ही स्थान पर केंद्रित किया गया। शिविरों में मुख्य रूप से आयुष्मान कार्ड निर्माण और निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच,राशन कार्ड, पेंशन योजनाएँ और आवश्यक पहचान पत्रों का अपडेशन के साथ-साथ बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता ताकि ग्रामीणों को शहर न भागना पड़े।
-​बदलाव की जीवंत मिसाल
​प्रशासन की इस संवेदनशीलता और प्रभावी जनभागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि जब नीतियां सही नीयत के साथ धरातल पर उतरती हैं, तो समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव आता है। धामिनी के चेहरे की यह सुरक्षित मुस्कान इसी बात का सबसे बड़ा प्रमाण है।

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