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खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 31 मई 2026,  11:07 PM IST
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खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण

वितरण में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त, 8 केंद्रों पर बैन

रायपुर / भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ के कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण है और किसानों को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।

             कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने उर्वरकों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।  

*जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उपयोग *

            नील हरित काई एवं हरी खाद वायुमंडलीय नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं तथा मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति में वृद्धि करती हैं। कृषकों को हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ तथा मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। साथ ही जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी (कोरबा) एवं चिन्हांकित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।

*नैनो उर्वरक लेना अनिवार्य नहीं, रहेगा पूर्णतः वैकल्पिक*

             वैज्ञानिकों की अनुशंसा के आधार पर इस बार एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। रासायनिक खादों के साथ-साथ जैविक और हरी खाद के संतुलित उपयोग पर जोर है। सहकारी समितियों में पिछले वर्ष की मांग के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा नैनो यूरिया/वैकल्पिक उर्वरकों और डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा नैनो डीएपी/एनपीके के माध्यम से दी जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, यह पूरी तरह स्वैच्छिक होगा।

*आंकड़ों में खाद और बीज का भंडारण*

         कोरबा जिले की सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है।

 सहकारी क्षेत्र के लिए 12 हजार 700 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है। लक्ष्य के विरुद्ध 7 हजार 132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) उर्वरक भंडारित किया जा चुका है। किसान अब तक 1 हजार 129.94 मीट्रिक टन खाद का उठाव कर चुके हैं, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन खाद अभी भी समितियों में शेष है। नैनो तरल उर्वरक का कोरबा जिले में कुल 11 हजार 886 लीटर (6 हजार 842 लीटर नैनो यूरिया और 5 हजार 44 लीटर नैनो डीएपी) का भंडारण किया गया था, जिसमें से 483.50 लीटर का वितरण हो चुका है और 11 हजार 402.50 लीटर स्टॉक में उपलब्ध है। इसके अलावा इच्छुक किसानों को हरी खाद के लिए ढैंचा बीज (8 किग्रा/एकड़) और मूंग बीज (4 किग्रा/एकड़) का वितरण भी किया जा रहा है।

 *28 को नोटिस, 58 बोरी यूरिया जब्त*

         किसानों को सही दाम और गुणवत्तापूर्ण खाद दिलाने के लिए उर्वरक निरीक्षकों की टीमें लगातार विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 केंद्रों की जांच की जा चुकी है, जिसमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। अनियमितता मिलने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 8 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस/बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक केंद्र पर अवैध कार्रवाई करते हुए 58 बोरी यूरिया जब्त किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार कीअनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेशए 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियमए 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

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