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नशे को कहें ‘ना’, जीवन को कहें ‘हां’: विश्व तंबाखू निषेध दिवस पर दुर्ग रेलवे स्टेशन में ब्रह्माकुमारीज की आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 2 जून 2026,  11:45 AM IST
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नशे को कहें ‘ना’, जीवन को कहें ‘हां’: विश्व तंबाखू निषेध दिवस पर दुर्ग रेलवे स्टेशन में ब्रह्माकुमारीज की आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी

दुर्ग। विश्व तंबाखू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई को दुर्ग रेलवे स्टेशन परिसर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन मेडिकल विंग द्वारा नशा मुक्ति जनजागरण के उद्देश्य से आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था — “नशा नाश का द्वार, राजयोग सच्ची खुशी का आधार।”Image after paragraph

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्टेशन अधीक्षक हिमांशु कुमार, एसएस कमर्शियल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भारत लाल टाकोटे, जीआरपी दुर्ग से घनश्याम अग्निहोत्री, महिला आरक्षक सीमा ठाकुर, प्रधान आरक्षक सलीम अहमद सहित ब्रह्माकुमारी पूर्णिमा दीदी, रेणु दीदी, धारिणी दीदी तथा बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पगुच्छ स्वागत के साथ किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी पूर्णिमा दीदी ने कहा कि विश्व तंबाखू निषेध दिवस का उद्देश्य लोगों को तंबाखू एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारीज संस्था वर्तमान में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से पूरे देश में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ चला रही है, जिसके अंतर्गत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तनाव, अवसाद, अनिद्रा, पारिवारिक कलह एवं गलत संगति के कारण लोग नशे की ओर बढ़ते हैं, जबकि तंबाखू जैसे पदार्थ धीरे-धीरे शरीर को नष्ट कर देते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में कैंसर के प्रमुख कारणों में तंबाखू शामिल है और प्रतिदिन हजारों लोग इसके कारण जान गंवा रहे हैं।

स्टेशन अधीक्षक हिमांशु कुमार ने कहा कि नशा समाज और परिवार के लिए दीमक की तरह कार्य करता है तथा ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी समाजहित में अत्यंत सराहनीय पहल है।

ब्रह्माकुमारी रेणु दीदी ने कहा कि राजयोग ध्यान के माध्यम से व्यक्ति सहज रूप से व्यसनों से मुक्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि राजयोग के माध्यम से व्यसन छोड़ने वाले हजारों लोगों के अध्ययन में यह पाया गया कि अधिकांश लोग स्थायी रूप से नशामुक्त जीवन अपनाने में सफल रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई तथा राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमार दाऊ भाई ने किया। प्रदर्शनी स्थल पर व्यसन दान पेटी भी रखी गई, जिसमें प्रेरित होकर बड़ी संख्या में लोगों ने अपने व्यसन त्यागने का संकल्प लिया।


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