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खरीफ सीजन की तैयारियां तेज, किसानों को मांग अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा खाद और बीज
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 2 जून 2026,  11:15 PM IST
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खरीफ सीजन की तैयारियां तेज, किसानों को मांग अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा खाद और बीज

जिले में 24 हजार टन से अधिक उर्वरक का भंडारण, सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर वितरण

रायपुर। जिला रायगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले जिले के किसान आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की जुताई, बुआई की तैयारी और कृषि आदानों की व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं पात्र किसानों को नगद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। कलेक्टर द्वारा इसकी लगातार समीक्षा भी की जा रही है। 

उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में खाद की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है तथा किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में उर्वरकों के भंडारण और वितरण की व्यवस्था सुनियोजित ढंग से संचालित की जा रही है। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिले में अब तक विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का 24 हजार 138 टन से अधिक भंडारण किया जा चुका है। इनमें सहकारी संस्थाओं में 15 हजार 789 टन तथा निजी क्षेत्र में 8 हजार 348 टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरकों की पहुंच और वितरण व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 48 प्रतिशत तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52 प्रतिशत खाद का भंडारण किया जा चुका है। वहीं इस वर्ष उपलब्ध कराए गए भंडारण के विरुद्ध लगभग 46 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप खाद की आपूर्ति एवं भंडारण की प्रक्रिया चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है।

कृषि विभाग द्वारा जिले में गठित निगरानी दलों, उर्वरक निरीक्षकों तथा मैदानी अमले के माध्यम से सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को उनके कृषि रकबे एवं आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

विभाग द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा हरी खाद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, प्रचार-प्रसार एवं कृषि विस्तार गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

कृषि विभाग ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। मानसून के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने की स्थिति में भी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। विभाग का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराकर खरीफ फसलों की बेहतर उत्पादन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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