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सहस्त्रनाम लेखन करने वाले 75 श्रद्धालुओं का सम्मान, वैदिक मूल्यों के संरक्षण का दिया संदेश
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 7 जून 2026,  07:31 PM IST
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सहस्त्रनाम लेखन करने वाले 75 श्रद्धालुओं का सम्मान, वैदिक मूल्यों के संरक्षण का दिया संदेश

दुर्ग। अधिक मास के पावन अवसर पर गजानन महाराज मंदिर, आमापारा में सहस्त्रनाम लेखन करने वाले श्रद्धालुओं के सम्मान में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहस्त्रनाम लेखन के माध्यम से सनातन संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि एवं वक्ता साइंस कॉलेज दुर्ग के सेवानिवृत्त प्राध्यापक आचार्य सुरेशचंद्र शर्मा थे। विशेष अतिथि के रूप में श्री राम मंदिर गांधी चौक के मुख्य पुजारी संतोष कुमार पाठक, श्री साई मंदिर समिति सिविल लाइन कसारीडीह के अध्यक्ष धनेंद्र कांत चंदेल तथा सचिव धीरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।

सहस्त्रनाम लेखन कार्यक्रम का आयोजन श्री राम मंदिर के उपाध्यक्ष प्रकाश कानाबार के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें दुर्ग-भिलाई समर्थ ज्ञान पाठशाला की मुख्याध्यापिका श्रीमती रोहिणी पाटणकर, गजानन मंदिर के पूर्व अध्यक्ष श्रीराम कुलकर्णी, श्रीमती संगीता कुलकर्णी एवं श्रीमती पूर्णिमा पाटणकर का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में 75 महिलाओं तथा बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत से हुआ। श्रीराम कुलकर्णी ने अतिथियों का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इसके पश्चात आयोजिका श्रीमती रोहिणी पाटणकर ने सहस्त्रनाम लेखन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह साधना मन को एकाग्र करने एवं धार्मिक संस्कारों को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है।

मुख्य अतिथि आचार्य सुरेशचंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में सनातन धर्म के वैदिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि साइंस कॉलेज से सेवानिवृत्ति के बाद वे अमरकंटक स्थित मंदिर में निःशुल्क सेवा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया।

सभी 75 श्रद्धालुओं ने विभिन्न देवी-देवताओं के सहस्त्रनामों का शुद्ध उच्चारण के साथ लेखन कर अपनी प्रतियां जमा कीं। उत्कृष्ट सहभागिता के लिए मुख्य अतिथि द्वारा सभी को पुरस्कृत किया गया तथा विष्णु सहस्रनाम की पुस्तकें भी भेंट की गईं। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व गत माह भी 50 श्रद्धालुओं को प्रकाश कानाबार द्वारा सम्मानित किया गया था। उनके मार्गदर्शन में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र की भावी पीढ़ी श्रद्धा और समर्पण के साथ इस धार्मिक अभियान से जुड़ रही है।

कार्यक्रम के सफल संचालन में श्रीमती संगीता कुलकर्णी एवं श्रीमती पूर्णिमा पाटणकर ने महिलाओं एवं बच्चों का मार्गदर्शन किया। अंत में श्रीमती संगीता कुलकर्णी ने आभार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश रडके, पूर्व अध्यक्ष श्रीराम कुलकर्णी, मंदिर पुजारी बेडेकर गुरुजी, श्रीमती सुनीता, संगीता कथडे, संगीता भेंडे, सरोज पहाड़े, शिवानी जोशी, लक्ष्मी दुबे, श्वेता जोशी, सरोज अग्रवाल, नीलिमा पट्टलवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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