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ब्रह्माकुमारीज के आनंद सरोवर बघेरा में प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर ई. व्ही. स्वामीनाथन का आध्यात्मिक व्याख्यान
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 13 जून 2026,  12:48 PM IST
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ब्रह्माकुमारीज के आनंद सरोवर बघेरा में प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर ई. व्ही. स्वामीनाथन का आध्यात्मिक व्याख्यान

 जीवन में सदा आनंद का अनुभव करने के लिए हर बात में फ्लैक्सिबल रहे

 'आनंद'आध्यात्मिकता से ही प्राप्त होती है यह अत्यंत उच्च अवस्था है जिसका विलोम नहीं है

 ब्रह्माकुमारीज के आसपास स्थित सेवाकेंद्रों से लगभग 2000 भाई बहनों ने इसका लाभ लिया

 समय एक ऐसी औषधि है जो हमारी चित् से पुरानी बातों को भुला देती है अन्यथा जीवन जीना बहुत मुश्किल हो जाता ।Image after paragraph

दुर्ग : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बघेरा स्थित "आनंद सरोवर " के कमला दीदी सभागार में प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर ई. व्ही. स्वामीनाथन का आध्यात्मिक व्याख्यान हुआ । जीवन के चुनौती पूर्ण रास्तों को सहज कैसे बनाएं । इसके लिए आप महाभारत के वृतांत के द्वारा सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महाभारत का एक-एक पात्र हमें सकारात्मक को अपनाने और नकारात्मकता से दूर रहने की प्रेरणा देता है युधिष्ठिर अर्थात् जो मन में आने वाले नकारात्मक और सकारात्मक विचारों में भी जिसका चित् स्थिर हो वही युधिष्ठिर है और अर्जुन अर्थात जिसने परमात्मा के द्वारा दिए गए ज्ञान को अर्जन कर यथार्थ मार्ग में चलने का संकल्प लिया । इन पात्रों में कौरव सेना के समस्त लोगों का नाम दुः से प्रारंभ होता है दुर्योधन अर्थात धन का दुरुपयोग करने वाला दु:शासन अर्थात जिसने शासन का दुरुपयोग किया हो । भीष्म पितामह के विषय में बोलते हुए आपने कहा हालांकि वे कौरव सेना की ओर से युद्ध में भाग ले रहे थे अपितु उनके मन में विजय का आशीर्वाद पांडवों के प्रति था । शिखंडी के विषय में आपने बताया भीष्म को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था किंतु उसे वही मार सकता है जो स्त्री है ना पुरुष है ।इसका आध्यात्मिक रहस्य है इस सृष्टि पर रहने वाले सभी मनुष्यों के भीतर निराकार आत्मा है जो कि ना स्त्री है ना पुरुष है सर्व आत्माओं के परमपिता परमात्मा "शिव" है जो कि अभी यह ज्ञान दे रहे हैं की स्वयं को आत्मा निश्चय करो तो दैहिक भान व अभिमान से मुक्त हो जाएंगे और आत्मिक भाव में स्थित होकरजो कर्म करेंगे वह श्रेष्ठ वह सुखदाई ही होगा ।

            इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी दुर्ग की संचालिका रीटा दीदी ने स्वामीनाथन भाई के प्रति आभार व्यक्त किया।मंच संचालन व योग अनुभूति रूपाली दीदी ने कराया ।

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