• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
जशपुर में किसानों को खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, प्रशासन की कड़ी निगरानी से कालाबाजारी पर रोक
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 18 जून 2026,  05:43 PM IST
  • 129
जशपुर में किसानों को खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, प्रशासन की कड़ी निगरानी से कालाबाजारी पर रोक

44 सहकारी समितियों में 9,285 मीट्रिक टन उर्वरक और 6,836 क्विंटल बीज का भंडारण

10 हजार से अधिक किसानों को 37.79 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित

रायपुर/ खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जशपुर जिले में खाद, बीज एवं कृषि ऋण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कृषि एवं सहकारिता विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में कृषि आदानों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी और उर्वरकों के अवैध विक्रय पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।

उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत ने बताया कि किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद और जैविक विकल्पों को अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहे और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। विभागीय अमला गांव-गांव पहुंचकर किसानों को वैज्ञानिक खेती और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी जानकारी भी दे रहा है।

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में सहकारी समितियों की संख्या 24 से बढ़ाकर 44 कर दी गई है। इससे किसानों को खाद एवं बीज प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है और समय तथा परिवहन व्यय दोनों में कमी आई है।

वर्तमान में जिले की 44 सहकारी समितियों में 9,285 मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से 3,681 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार 6,836 क्विंटल धान बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें से 1,872 क्विंटल बीज किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। आगामी मांग को देखते हुए खाद एवं बीज का भंडारण लगातार बढ़ाया जा रहा है।

कृषि ऋण वितरण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 10,187 किसानों को कुल 37 करोड़ 79 लाख 12 हजार रुपये का कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसमें 31 करोड़ 33 लाख 08 हजार रुपये नगद तथा 6 करोड़ 46 लाख 04 हजार रुपये वस्तु ऋण के रूप में वितरित किए गए हैं। इस सहायता से किसानों को समय पर कृषि निवेश करने और खेती की लागत वहन करने में मदद मिल रही है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सभी सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों की नियमित जांच की जा रही है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लगातार निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने, हरी खाद एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है, ताकि आवश्यक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित की जा सके।


Add Comment


Add Comment






Get Newspresso, our morning newsletter