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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान को मिल रही व्यापक जनभागीदारी
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 14 जुलाई 2026,  02:27 PM IST
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान को मिल रही व्यापक जनभागीदारी

*वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित*

रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाब, डबरी, रिचार्ज शाफ्ट, चेकडैम एवं भू-जल पुनर्भरण कार्यों से जल सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय पहलImage after paragraph

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान प्रदेशभर में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहा है। अभियान के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है।

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           इसी क्रम में बालोद जिले में जिला प्रशासन द्वारा सभी ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्व-सहायता समूहों तथा सामाजिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता से जल संरक्षण के विविध कार्य किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य “जहाँ वर्षा हो, जब वर्षा हो – वहीं वर्षा जल का संचयन हो” की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है।

         अभियान के अंतर्गत प्रत्येक शासकीय भवन में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा सतही वर्षा जल संचयन के लिए रिचार्ज शाफ्ट, डबरी, तालाब एवं ट्रेंच का निर्माण किया गया है। साथ ही हैंडपंपों एवं प्रधानमंत्री आवासों में सोख्ता गड्ढों तथा वर्षा जल संचयन प्रणालियों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

        भू-जल संवर्धन के लिए रिचार्ज पिट, इंजेक्शन वेल, निष्क्रिय बोरवेलों का रिचार्ज, तालाबों का जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण, चेकडैम, वाटर एब्जॉर्बिंग ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण एवं पुनर्जीवन किया गया है।

          जिले में वीबीजी-रामजी (मनरेगा), वन विभाग, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं तथा जनभागीदारी के माध्यम से अब तक 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जिनसे लगभग 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि, भूमि की नमी का संरक्षण, खरीफ एवं रबी दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

         अभियान की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार जनभागीदारी है। जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम विकास समितियों, महिला कमांडो, ग्रीन आर्मी तथा स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से तालाबों एवं जलाशयों की स्वच्छता, घर-घर जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण के प्रति जनजागरूकता तथा व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं सीड बॉल अभियान संचालित किया जा रहा है। जुलाई माह में अब तक 3 लाख से अधिक सीड बॉल का रोपण किया जा चुका है तथा 2 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

         राज्य शासन द्वारा वीबी- जी राम जी योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, हरित विकास एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। ‘जल संरक्षण – जन सहभागिता से जल समृद्धि की ओर’ की भावना के साथ जिला प्रशासन बालोद जल-सुरक्षित, हरित एवं समृद्ध ग्रामीण विकास के लक्ष्य की दिशा में सतत कार्य कर रहा है।

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