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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा में निभाई गजपति महाराजा की परंपरा : भगवान श्री जगन्नाथ का रथ खींचकर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 16 जुलाई 2026,  03:18 PM IST
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा में निभाई गजपति महाराजा की परंपरा : भगवान श्री जगन्नाथ का रथ खींचकर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की

छेरा पहरा की पावन परंपरा का निर्वहन कर दिया सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेशImage after paragraph

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित ग्राम दोकड़ा में आयोजित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ परंपरागत गजपति महाराजा की भूमिका का निर्वहन करते हुए भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने छेरा पहरा की पावन परंपरा का निर्वहन करते हुए सोने की झाड़ू से भगवान के रथ के आगे मार्ग का प्रतीकात्मक रूप से मार्जन किया तथा चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव किया। इसके बाद उन्होंने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भगवान श्री जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। पूरे दोकड़ा क्षेत्र में "जय जगन्नाथ" के जयघोष, शंखध्वनि, भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी श्रद्धालुओं को रथयात्रा की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 से चली आ रही यह गौरवशाली परंपरा आज भी जनआस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। जनसहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और वर्ष 2025 में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा आयोजित हो रही है। उन्होंने गजपति महाराजा की परंपरा निभाने का अवसर देने के लिए दोकड़ावासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्री जगन्नाथ से प्राचीन और आत्मीय संबंध रहा है। देवभोग का चावल आज भी पुरी के महाप्रसाद में उपयोग किया जाता है, जो इस सांस्कृतिक संबंध का जीवंत प्रमाण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की गारंटी के अनुरूप प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें जारी की जा चुकी हैं तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं। राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरचार्ज माफी योजना की अवधि तीन माह बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से चौबीसों घंटे नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। वहीं अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं सहित 520 से अधिक शासकीय सेवाएँ उनके गाँव में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि जशपुर जिले को शीघ्र ही रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं।धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति से स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएँ विकसित होंगी।

रथयात्रा के दौरान ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने भजन एवं संकीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ढोल, मृदंग, झांझ और शंखध्वनि के बीच श्रद्धालु भगवान के जयघोष लगाते हुए रथयात्रा में शामिल हुए। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इस आयोजन को आस्था और लोक संस्कृति के विराट उत्सव में बदल दिया।

इस अवसर पर पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा सहित श्री जगन्नाथ मंदिर आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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