• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
देश विदेश और भी
अमेरिकी सेना ने 12वें दिन ईरान पर बरसाए बम, सैन्य ठिकानों पर भारी तबाही
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 23 जुलाई 2026,  04:41 PM IST
  • 128
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात ईरानी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की, जबकि ईरान ने किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।

 मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार तड़के ईरान से जुड़े सैन्य लक्ष्यों पर एक और कार्रवाई की। यह लगातार 12वीं रात है जब अमेरिकी बलों ने क्षेत्र में सैन्य हमले किए हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य उन क्षमताओं को कमजोर करना है जिनसे क्षेत्रीय जलमार्गों में नागरिक जहाजों और व्यावसायिक पोतों को खतरा हो सकता है।

 

ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर हमला किया जाता है, तो अमेरिका कड़ी प्रतिक्रिया देगा। ट्रंप के बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

ईरान ने दिया जवाब
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि देश की सुरक्षा या बुनियादी ढांचे पर किसी भी प्रकार के हमले का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे किसी भी हमले में सहयोग करने वाले पक्षों को भी जिम्मेदार माना जाएगा।

वहीं, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि यदि ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती है तो क्षेत्र की कोई भी महत्वपूर्ण संरचना पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना चिंता का केंद्र
दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इस मार्ग में किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है। मौजूदा तनाव के बीच इस समुद्री मार्ग को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

तेल की कीमतों में उछाल
तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 93 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो ऊर्जा कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। इसका असर दुनिया भर में ईंधन, परिवहन और महंगाई पर पड़ सकता है।

वैश्विक व्यापार पर भी असर
विश्लेषकों का कहना है कि मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं है। समुद्री व्यापार मार्गों पर खतरा बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन और वैश्विक व्यापार पर भी दबाव बढ़ सकता है।


Add Comment


Add Comment






ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter