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भोपाल में आज जुटेंगे BRICS देशों के संस्कृति मंत्री, CM मोहन यादव देंगे लंच
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 8 अगस्त 2026,  10:16 PM IST
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BRICS Culture Ministers Meeting: सांस्कृतिक सहयोग पर बनेगा रोडमैप, CM मोहन यादव देंगे लंच; विदेशी प्रतिनिधि सांची में देखेंगे बौद्ध विरासत और लाइट एंड साउंड शो

भोपाल में शनिवार को BRICS देशों के संस्कृति मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। 5 अगस्त से चल रहे BRICS Cultural Summit 2026 का यह चौथा दिन है और इसी के साथ सम्मेलन का एक अहम चरण पूरा होगा। बैठक में सदस्य देश संस्कृति के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।

मंत्रियों की बातचीत में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संग्रहालयों के विकास, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। इसके साथ ही अलग-अलग देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा।

बैठक के अंत में ‘BRICS Culture Ministers Declaration’ को अपनाया जाएगा। इसके जरिए BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग के लिए साझा दृष्टिकोण और आगे की दिशा तय की जाएगी।

CM मोहन यादव देंगे खास लंच
बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विदेशी संस्कृति मंत्रियों और प्रतिनिधियों के लिए लंच का आयोजन करेंगे। मेहमानों के लिए तैयार किए गए मेन्यू में मध्य प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को खास जगह दी गई है।

लंच और डिनर में दाल बाफले, निमोना, रिकमच, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया और बड़ा जैसे स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्यवर्धक मिलेट्स से बने कोदो और कुटकी के व्यंजन भी मेहमानों को परोसे जाएंगे। विदेशी मेहमानों की पसंद को देखते हुए वेस्टर्न और ओरिएंटल व्यंजनों की व्यवस्था भी की गई है।

सांची में दिखेगी भारत की बौद्ध विरासत
बैठक और लंच के बाद विदेशी संस्कृति मंत्री और प्रतिनिधिमंडल सांची के लिए रवाना होंगे। यहां वे भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत और प्राचीन स्थापत्य कला को करीब से देखेंगे।

प्रतिनिधियों के लिए ‘बुद्ध जंबूदीप’ का भ्रमण और विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का विशेष गाइडेड टूर रखा गया है। इसके अलावा चेतियागिरी मंदिर में दर्शन के साथ योग और ध्यान सत्र भी आयोजित किया जाएगा।

शाम के समय प्रतिनिधियों को बौद्ध इतिहास और कला से परिचित कराने के लिए 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम के जरिए भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पेश किया जाएगा।

भीमबेटका जाने का भी विकल्प
विदेशी प्रतिनिधियों के लिए आगे की रवानगी से पहले UNESCO विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका शैलाश्रयों के वैकल्पिक भ्रमण की व्यवस्था भी की गई है। यहां प्रतिनिधियों को हजारों साल पुरानी शैल कला और भारत के प्रागैतिहासिक सांस्कृतिक परिदृश्य को देखने का अवसर मिलेगा।

इस तरह BRICS Cultural Summit के जरिए मध्य प्रदेश विदेशी मेहमानों के सामने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, खान-पान, बौद्ध इतिहास और प्रागैतिहासिक कला की झलक पेश कर रहा है।


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