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चरोदा PP यार्ड में CBI की दबिश, सीनियर DME कार्यालय में देर रात तक जांच
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 14 अगस्त 2026,  08:07 AM IST
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रनिंग बिल और वर्क ऑर्डर के बदले कथित कमीशन मांगने की शिकायत पर कार्रवाई, फर्जी बिलों की आशंका समेत कई बिंदुओं पर जांच

भिलाई। रायपुर रेल मंडल के चरोदा स्थित PP यार्ड में गुरुवार देर शाम CBI की अचानक दबिश से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। कॉन्ट्रैक्टर के रनिंग बिल पास करने और वर्क ऑर्डर जारी करने के एवज में कथित तौर पर कमीशन मांगने की शिकायत के बाद CBI की टीम ने सीनियर DME अनमोल उइके के कार्यालय में जांच शुरू की। देर रात तक अधिकारियों ने पूछताछ के साथ दस्तावेजों, फाइलों और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाला।

दिल्ली में मिली शिकायत, सीधे कार्यालय पहुंची टीम

जानकारी के मुताबिक, सीनियर DME अनमोल उइके के खिलाफ दिल्ली स्थित CBI कार्यालय में शिकायत पहुंची थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रेलवे में कॉन्ट्रैक्टर के रनिंग बिल पास करने और वर्क ऑर्डर जारी करने के बदले कथित रूप से कमीशन की मांग की जा रही थी।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए CBI की टीम गुरुवार रात करीब 8:30 बजे भिलाई पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम में करीब आठ अधिकारी शामिल थे। दिल्ली पासिंग वाहनों से पहुंची टीम सीधे चरोदा PP यार्ड स्थित सीनियर DME कार्यालय पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी।

रिश्वत की शिकायत और फर्जी बिलों की आशंका

CBI की कार्रवाई के पीछे मुख्य रूप से ठेकेदारों से कथित कमीशन मांगने की शिकायत को अहम वजह माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि यार्ड में मेंटेनेंस और अन्य कार्यों के नाम पर कहीं बिना काम कराए फर्जी बिल तैयार कर भुगतान तो नहीं किया गया।

जांच एजेंसी द्वारा ठेकेदारों के कार्यों, बिलों, भुगतान प्रक्रिया और वर्क ऑर्डर जारी करने से संबंधित रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया गया है।

दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच

कार्रवाई के दौरान CBI टीम द्वारा सीनियर DME कार्यालय में मौजूद पिछले कुछ महीनों के ठेकेदारों से जुड़े भुगतान रिकॉर्ड, टेंडर फाइल्स तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि डिजिटल रिकॉर्ड और कंप्यूटर में मौजूद महत्वपूर्ण डाटा की भी जांच की गई तथा कंप्यूटर हार्ड डिस्क सहित संबंधित रिकॉर्ड को टीम द्वारा अपने कब्जे में लिए जाने की बात सामने आई है।

सीनियर DME सहित कर्मचारियों से पूछताछ

CBI अधिकारियों ने सीनियर DME अनमोल उइके से पूछताछ की। इसके अलावा कार्यालय में पदस्थ कुछ क्लर्कों तथा अकाउंट्स विभाग से जुड़े कर्मचारियों से भी जानकारी लिए जाने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसी द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठेकेदारों के बिलों के भुगतान और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया में किसी स्तर पर अनियमितता या कमीशनखोरी का कोई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।

PP यार्ड पहले भी रह चुका है चर्चा में

चरोदा का PP यार्ड रेलवे के महत्वपूर्ण मेंटेनेंस केंद्रों में शामिल है, जहां रेलवे वैगन के रखरखाव से जुड़े कार्य होते हैं। यह यार्ड पहले भी CBI की कार्रवाई को लेकर चर्चा में रह चुका है। वर्ष 2023 में कॉन्ट्रैक्टर से कथित कमीशन लेने के आरोपों को लेकर CBI ने PP यार्ड में दबिश दी थी।

अब एक बार फिर CBI की कार्रवाई के बाद चरोदा PP यार्ड रेलवे महकमे में चर्चा का केंद्र बन गया है।

रेलवे की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार

फिलहाल CBI की जांच जारी है। रेलवे विभाग की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में रिश्वत की शिकायत, फर्जी बिलों की आशंका और दस्तावेजों की जब्ती से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

CBI की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कार्रवाई का अगला कदम क्या होगा, इस पर रेलवे महकमे की नजर बनी हुई है। वहीं, अचानक हुई इस कार्रवाई को लेकर देर रात तक रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर जारी रहा।


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