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इंटक के राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से जुटे पदाधिकारी व कार्यकर्ता
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 20 अगस्त 2026,  11:24 PM IST
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इंटक के राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से जुटे पदाधिकारी व कार्यकर्ता

श्रमिक हितों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए संगठित संघर्ष जरूरी- राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हौशिला शर्मा
दुर्ग । 
भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस महासंघ (इंटक) का चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन गुरुवार को दुर्ग स्थित राजीव भवन (कांग्रेस भवन) में आयोजित किया गया। अधिवेशन में देश के 18 राज्यों से महासंघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, संगठन को मजबूत करने एवं देशभर में विस्तार के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिवेशन में महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस महासंघ इंटक से देशभर में करीब 4 लाख सदस्य जुड़े हुए हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में सदस्यों की संख्या लगभग 36 हजार है। महासंघ द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की जयंती एवं सद्भावना दिवस के अवसर पर प्रतिवर्ष अलग-अलग राज्यों में राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया गया। अधिवेशन के शुभारंभ से पहले मीडिया से चर्चा करते हुए महासंघ इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हौशिला प्रसाद शर्मा ने कहा कि इंटक मूल रूप से श्रमिकों का संगठन है और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से श्रमिकों के अधिकारों का हनन और उनका शोषण किया जा रहा है। कंपनियों, फैक्ट्रियों एवं अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले अनेक श्रमिकों को आज भी न्यूनतम वेतनमान का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। डॉ. शर्मा ने कहा कि श्रमिकों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होना होगा, क्योंकि संगठन में ही शक्ति होती है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा एवं श्रमिक हितैषी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित होने से संगठित क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा और श्रमिकों की स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा श्रमिकों के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका समुचित लाभ श्रमिकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। श्रमिकों को उनका अधिकार दिलाना और शोषण से मुक्ति दिलाना महासंघ इंटक का प्रमुख उद्देश्य है। महासंघ इंटक के समानांतर संगठन से जुड़े सवाल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने कहा कि उनका संगठन एकजुट है। समानांतर संगठन के रूप में कोई अन्य संगठन हो सकता है, लेकिन उसका महासंघ इंटक से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि इंटक का मुख्य उद्देश्य श्रमिक हित एवं कल्याण है और संगठन इसी दिशा में मजबूती से कार्य कर रहा है। महासंघ इंटक के छत्तीसगढ़ कार्यकारी अध्यक्ष रामकुमार पटेल ने कहा कि श्रमिक आज भी शोषण और पीड़ा का सामना कर रहे हैं। केंद्र एवं राज्य सरकारें श्रमिकों के कल्याण और उत्थान की बातें करती हैं, लेकिन इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हित में संघर्ष करना और उन्हें उनका अधिकार दिलाना संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आखिर श्रमिक कब तक अपने अधिकारों के लिए मांग करते रहेंगे। महासंघ की मंशा है कि देश में ऐसा वातावरण तैयार हो, जिसमें शासन और प्रशासन स्वयं श्रमिक हितों की चिंता करें तथा उनके अधिकारों का पालन सुनिश्चित हो। तभी श्रमिकों के जीवन में वास्तविक खुशहाली आएगी। राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष शैतान सिंह सोलक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवनीश त्यागी, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष मुकावन दास कश्यप, छत्तीसगढ़ कार्यकारी अध्यक्ष रामकुमार पटेल, महिला प्रदेश अध्यक्ष संतबाई उइके,जयंती दास (झारखंड), रामकृष्ण रेड्डी (तेलंगाना), पी. चन्द्रशेखर (आंध्रप्रदेश, राजन (तमिलनाडु), नरेन्द कुमार चौहान (हिमाचल प्रदेश) सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे महासंघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अधिवेशन के दौरान श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए संगठन को देशभर में और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने का संकल्प लिया गया।


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