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नोनी सुरक्षा योजना से कौशिल्या रजवाड़े की बेटी के सुरक्षित भविष्य की बनी मजबूत नींव
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 2 सितम्बर 2026,  07:18 PM IST
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नोनी सुरक्षा योजना से कौशिल्या रजवाड़े की बेटी के सुरक्षित भविष्य की बनी मजबूत नींव

एक लाख रुपये के बॉन्ड से बेटी की शिक्षा और भविष्य को मिला आर्थिक संबल

रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बेटियों के सुरक्षित भविष्य और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित नोनी सुरक्षा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के तहत पात्र बालिकाओं के भविष्य के लिए आर्थिक प्रावधान किया जा रहा है, जिससे परिवारों को बेटियों की शिक्षा और आगे की जरूरतों को लेकर भरोसा मिल रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मेंड्राकला निवासी श्रीमती कौशिल्या रजवाड़े भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपनी बेटी के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं।

कौशिल्या रजवाड़े ने बताया कि उनके पति श्री राजेश कुमार रजवाड़े कृषि कार्य करते हैं और उनके तीन बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी बड़ी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नोनी सुरक्षा योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से आवेदन प्रक्रिया पूरी की गई और आवेदन ऑनलाइन पंजीकृत किया गया।

आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उनकी बड़ी बेटी का नोनी सुरक्षा योजना में पंजीयन हुआ और उन्हें एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ। कौशिल्या ने बताया कि यह बॉन्ड एलआईसी बीमा के माध्यम से प्रदान किया गया है। योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तथा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद निर्धारित राशि प्राप्त होगी। इससे बेटी की आगे की शिक्षा और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए आर्थिक आधार तैयार होगा।

*बेटी की शिक्षा और भविष्य की चिंता हुई कम*

कौशिल्या के लिए नोनी सुरक्षा योजना केवल आर्थिक सुरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि बेटी के उज्ज्वल भविष्य का भरोसा भी है। उन्होंने बताया कि कृषि कार्य से होने वाली आय के बीच बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों को पूरा करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में बेटी के नाम पर उपलब्ध आर्थिक सुरक्षा से भविष्य की चिंता कम हुई है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि भविष्य में बेटी की उच्च शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित होगी। 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मिलने वाली राशि बेटी के आगे के जीवन की मजबूत शुरुआत में सहायक होगी और परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को भी कम करेगी।

*बेटियों के भविष्य को लेकर परिवारों में बढ़ रहा भरोसा*

नोनी सुरक्षा योजना बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के साथ परिवारों में बेटियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे रही है। योजना के माध्यम से बालिकाओं के भविष्य के लिए पहले से आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होने से अभिभावकों को उनकी शिक्षा और भविष्य से जुड़े निर्णय लेने में संबल मिल रहा है।

कौशिल्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी होने से उन्हें योजना की जानकारी समझने, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने और ऑनलाइन पंजीयन कराने में सुविधा मिली। विभागीय स्तर पर मिले सहयोग से योजना का लाभ प्राप्त करना उनके लिए आसान हुआ।

*“अब बेटी के भविष्य की चिंता नहीं”*

कौशिल्या रजवाड़े ने नोनी सुरक्षा योजना के लिए छत्तीसगढ़ शासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से उन्हें अपनी बेटी के भविष्य को लेकर एक मजबूत भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद बेटी के भविष्य के लिए पहले से आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध होना बड़ी राहत है। उन्होंने कहा, “अब बेटी के भविष्य की चिंता पहले जैसी नहीं रही। उसके नाम पर आर्थिक सुरक्षा होने से हमें भरोसा है कि आगे उसकी पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। शासन की यह पहल हम जैसे परिवारों के लिए बहुत उपयोगी है।”

कौशिल्या रजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नोनी सुरक्षा योजना बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। योजना से मिली आर्थिक सुरक्षा ने उनके परिवार को अपनी बेटी को बेहतर अवसर देने का विश्वास दिया है।


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