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जेल में कैदी ने प्रहरी को मारी गोली, हालत गंभीर; जेल के अंदर कट्टा पहुंचने से सुरक्षा पर सवाल
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 2 सितम्बर 2026,  10:40 PM IST
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रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह हत्या के मामले में बंद विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर देसी कट्टे से गोली चला दी। प्रहरी गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें एम्स भोपाल रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि कैदी रक्षाबंधन कार्यक्रम के लिए फल की टोकरी लेकर जेल गेट तक पहुंचा था और भागने की कोशिश में उसने फायरिंग की।

रायसेन: मध्यप्रदेश की रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह करीब 9 बजे सनसनीखेज घटना सामने आई। हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में बंद विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर उर्फ नीलेश निर्वेदी ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर कथित तौर पर देसी कट्टे से फायर कर दिया। गोली प्रहरी के शरीर में धंस गई। गंभीर हालत में उन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से एम्स भोपाल रेफर किया गया। घटना की पुष्टि अन्य रिपोर्टों में भी हुई है।

फल की टोकरी लेकर गेट पर पहुंचा था कैदी
बताया जा रहा है कि बुधवार को जेल में स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम होना था। इसी कार्यक्रम के लिए नीलेश फल की टोकरी लेकर जेल के मुख्य गेट तक पहुंचा था। आरोप है कि उसका मकसद गेट खुलवाकर जेल से भागने का था।

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जब प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर ने गेट खोलने से मना किया, तो नीलेश ने कथित तौर पर देसी कट्टा निकालकर फायर कर दिया। इसके बाद उसने भागने की कोशिश की, लेकिन जेल स्टाफ ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

गोली फेफड़े के निचले हिस्से में फंसी
गोली लगने के बाद प्रहरी को तत्काल रायसेन जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर अभिषेक सागर के मुताबिक एक्स-रे में गोली फेफड़े के निचले हिस्से में फंसी दिखाई दी। फेफड़े में पानी जमा होने से घायल को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें भोपाल एम्स भेजा गया।

हत्या और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज
आरोपी नीलेश रायसेन जिले के बरेली क्षेत्र के दिमाड़ा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले से धारा 302 और 307 के मामले दर्ज हैं और वह इन्हीं मामलों में विचाराधीन कैदी के तौर पर जेल में बंद था।

जेल में कट्टा पहुंचा कैसे?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। जेल जैसे सुरक्षित परिसर में विचाराधीन कैदी के पास देसी कट्टा पहुंचा कैसे? क्या हथियार बाहर से किसी तरीके से अंदर पहुंचा या इसमें किसी कर्मचारी की मिलीभगत थी, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस और जेल प्रशासन घटना की परिस्थितियों की जांच में जुटे हैं। हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा और वारदात से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं, यह जांच का अहम हिस्सा होगा।


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