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मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट; प्रदर्शन, अनुभव और युवा चेहरों पर रहेगा जोर
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 2 सितम्बर 2026,  11:33 PM IST
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केंद्र की मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल की चर्चाएं गर्म हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मंत्रिपरिषद में 'ओवरहॉलिंग' करने की तैयारी में हैं, जिसमें मंत्रियों के कामकाज के प्रदर्शन, युवा नेतृत्व, महिलाओं की भागीदारी और क्षेत्रीय संतुलन को मुख्य आधार बनाया जाएगा।

आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन को नया आधार देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार में बड़े फेरबदल की पटकथा लिखी जा रही है। पीएम मोदी और बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद से ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े बदलावों को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

इस संभावित फेरबदल का मुख्य उद्देश्य मंत्रालयों की कार्यकुशलता बढ़ाना और संगठन तथा सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है।

​अश्विनी वैष्णव का बढ़ सकता है कद, गडकरी के मंत्रालय बदलने की चर्चा 
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें नई व बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। वहीं लंबे समय से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे नितिन गडकरी के विभाग में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। उन्हें किसी अन्य महत्वपूर्ण या रणनीतिक मंत्रालय की कमान सौंपी जा सकती है। इसके अलावा कई अन्य वरिष्ठ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में भी फेरबदल देखने को मिल सकता है।

​17 नए चेहरों को मिल सकती है जगह, युवा और महिलाओं पर फोकस 
संभावित ओवरहॉलिंग में सबसे बड़ा आकर्षण नए और युवा चेहरों की एंट्री माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिपरिषद में लगभग 17 नए सांसदों को शामिल किया जा सकता है। इनमें युवा नेताओं और महिला सांसदों को प्राथमिकता मिलने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही कई ऐसे राज्य जहां आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां से आने वाले प्रतिनिधियों को केंद्रीय कैबिनेट में जगह देकर क्षेत्रीय संतुलन साधने का प्रयास किया जाएगा।

​खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी 
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले रिपोर्ट कार्ड और परफॉर्मेंस रिव्यू के आधार पर कुछ मौजूदा मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर भी किया जा सकता है। जिन मंत्रियों को हटाया जाएगा, उन्हें संगठन के कार्यों में वापस भेजकर पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। एनडीए (NDA) के सहयोगी दलों को भी उनके कोटे से नए मंत्री पद देकर गठबंधन को और अधिक सशक्त बनाने की योजना है।


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