• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क और भी
शिक्षकों के मार्गदर्शन और जनसेवा से ही संभव है, समाज व राष्ट्र का सर्वांगीण विकास- मंत्री श्री टंक राम वर्मा
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 8 सितम्बर 2026,  08:33 PM IST
  • 193
शिक्षकों के मार्गदर्शन और जनसेवा से ही संभव है, समाज व राष्ट्र का सर्वांगीण विकास- मंत्री श्री टंक राम वर्मा

रायपुर/ राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज नेवरा स्थित पी. एम श्री कन्या शाला में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व व कृतित्व को नमन करते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने के संस्कार भी गढ़ते हैं। मस्तिष्क और बुद्धि के सर्वांगीण विकास के लिए गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है। प्राचीनकाल से लेकर आधुनिक युग तक, जब भी समाज या राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां आई हैं, गुरुजनों ने ही सही दिशा दिखाने का कार्य किया है। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शेड, बाउंड्रीवॉल, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं।Image after paragraph

*गुरुजनों का सम्मान हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का मूल आधार* 

      शिक्षक सम्मान समारोह और अपने गुरुजनों से मुलाकात का स्मरण करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि गुरुजनों का सम्मान हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का मूल आधार है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवादों के निपटारे और सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजनों में शिक्षकों की केंद्रीय भूमिका होती थी। वर्तमान तकनीकी युग में व्यस्तता भले ही बढ़ी है, लेकिन समाज को समय देकर ग्रामीण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकता है। 

 

*रजिस्ट्री के तुरंत बाद ऑटोमैटिक नामांतरण की प्रक्रिया शुरू*

 

       इस दौरानमंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग की छवि सुधारने के लिए किए गए क्रांतिकारी फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मैन्युअल से ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करते समय हुई त्रुटियों के जल्द निपटारे हेतु अधिकारों का विस्तार कर तहसीलदारों को भी शक्तियां दी गई हैं। इसके अलावा द्वितीय अपील की सुनवाई का अधिकार अब कमिश्नर के स्थान पर सीधे जिला कलेक्टर को सौंपा गया है। अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए 5 डिसमिल से कम जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है, जबकि फर्जी रजिस्ट्री रोकने हेतु तहसील कार्यालयों को पंजीयन कार्यालय से ऑनलाइन जोड़कर रजिस्ट्री के समय ओटीपी अनिवार्य किया गया है। अब रजिस्ट्री के तुरंत बाद ऑटोमैटिक नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी और किसानों को किसान पुस्तिका के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटकर इसे ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है। भू-स्वामी अपने जीवनकाल में ही भूमि का बंटवारा कर सकते हैं। वहीं, भारतमाला जैसी बड़ी परियोजनाओं में भू-माफियाओं के अनुचित लाभ को रोकने के लिए अधिसूचना जारी होते ही संबंधित क्षेत्र की खरीद-बिक्री पर रोक का प्रावधान किया गया है, ताकि वास्तविक किसानों को पारदर्शी मुआवजा मिल सके।

        उच्च शिक्षा विभाग के संदर्भ में उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू कर शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था हेतु 40 गांवों के लिए 2 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। साथ ही 100 गांवों के तालाबों में पक्के चबूतरों का निर्माण, 40 गांवों में महतारी सदन का निर्माण और सरस्वती शिशु मंदिर जैसी संस्थाओं के लिए भवन निर्माण स्वीकृत कराए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि जनसेवा के इन कार्यों में वरिष्ठों और गुरुजनों का मार्गदर्शन सदैव सर्वाेपरि रहेगा।


Add Comment


Add Comment






Get Newspresso, our morning newsletter