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पोटियाकला में 20 लाख की लागत से बन रहा डॉग हाउस एवं एबीसी सेंटर, डेढ़ से दो माह में होगा पूरा
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 8 सितम्बर 2026,  08:38 PM IST
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पोटियाकला में 20 लाख की लागत से बन रहा डॉग हाउस एवं एबीसी सेंटर, डेढ़ से दो माह में होगा पूरा

लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने किया निरीक्षण, उरला में प्रस्तावित एमआरएफ सेंटर का भी लिया जायजा
दुर्ग।
 नगर पालिक निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र में पशु प्रबंधन एवं स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पोटियाकला वार्ड क्रमांक 54 में डॉग हाउस एवं एबीसी (Animal Birth Control) सेंटर का निर्माण तेजी से जारी है। लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने निगम अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन सेंटर का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, सहायक अभियंता गिरीश दीवान, सहायक अभियंता हरिशंकर साहू, उपअभियंता करण यादव, उपअभियंता पंकज साहू एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि पोटियाकला में करीब 20 लाख रुपये की लागत से डॉग हाउस एवं एबीसी सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य को आगामी डेढ़ से दो माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
एबीसी सेंटर के माध्यम से आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम के तहत उनका बधियाकरण किया जाएगा। ऑपरेशन के बाद कुत्तों को लगभग तीन दिनों तक डॉग शेल्टर में रखा जाएगा। स्वस्थ होने के बाद उन्हें वापस उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा, जहां से उन्हें लाया गया था।
लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेंटर के शुरू होने से आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के साथ पशु कल्याण की दिशा में भी प्रभावी कार्य किया जा सकेगा।
इसके बाद चन्द्राकर ने उरला वार्ड क्रमांक 57 में प्रस्तावित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (MRF) के स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से प्रस्तावित कार्य एवं निर्माण संबंधी विस्तृत जानकारी ली तथा स्थल की आवश्यकताओं के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कचरा प्रबंधन से संबंधित अधोसंरचना को प्राथमिकता के साथ विकसित करना जरूरी है। एमआरएफ सेंटर के माध्यम से सूखे कचरे के पृथक्करण, बेहतर प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।


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